भोपाल

डॉक्टरों का बड़ा खुलासा, इस बीमारी को बताया साइलेंट अटैक का बड़ा कारण

MP News: सेमिनार में डॉक्टरों ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि ये बीमारी अब साइलेंट हार्ट अटैक की सबसे बड़ी वजह बन रही है। कम उम्र में नसों के ब्लॉकेज, छिपे लक्षण और बदला हुआ हार्ट पैटर्न मरीजों के लिए खतरे की घंटी है।

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Feb 12, 2026
leading cause of silent heart attacks (फोटो- Freepik)

MP News: आजकल साइलेंट अटैक (Silent Heart Attack) से मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में चिकित्सकों के पास बडा सवाल था कि आखिर इसकी वजह क्या है। ऐसे में मधुमेह यानी डायबिटीज को लेकर पता चला कि यह दिल को बीमार करने वाली बड़ी वजह है। यह खुलासा राजधानी में आयोजित पांचवें हार्मोन इंडिया सेमिनार में हुआ। यहां ह्यदय रोग विशेषज्ञों ने जानकारी दी, मधुमेह की वजह से हार्ट में अधिक मात्रा में अलग प्रकार के प्रोटीन और खराब कोलेस्ट्रॉल जमा हो रहा है।

इससे हार्ट फेल्योर का खतरा बढ़ रहा है। हमीदिया अस्पताल के ह्यदय रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया, हार्ट में मौजूद बड़ी नसें मधुमेह की वजह से ब्लॉक होती जाती है। इस कारण कम उम्र में भी साइलेंट अटैक का खतरा बढ़ रहा है। खासकर रात में ब्रेन स्ट्रोक और सुबह में हार्ट अटैक के मामले देखे जा रहे है और इनके लक्षणों का पता नहीं चल रहा है। दरअसल मधुमेह ने दिल की बीमारियों का पैटर्न बदल दिया है।

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डायबिटीज की दवाएं दिल की बीमारी में कारगर

डायबिटीज से हार्ट रोग के पैटर्न बदलने के साथ इसके उपचार का पैटर्न भी बदल रहा है। डायटबिटीज के साथ हार्ट का भी उपचार करने का ट्रेंड शुरू हुआ है। डॉ. सुमित भटनागर और डॉ. राजीव गुप्ता ने जानकारी दी, डायबिटीज की ऐसी दवाएं आई हैं, जो हार्ट अटैक नहीं आने देती। पहले मधुमेह की दवाओं का लक्ष्य ग्लुकोज को कम करना होता था, अब ये दवाएं बीमारी से बाकी अंगों की भी सुरक्षा कर रही हैं।

छिपे लक्षण, बढ़ता खतरा

डॉ. गुप्ता ने बताया, डायबिटीज से होने वाली दिल की बीमारी आम दिल की बीमारी से अलग है। इसके लक्षण छिपे रहते हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. माधुरी नारोगी ने बताया, मधुमेह के साथ मानसिक रोग भी दिल को बीमार कर रहा है। प्रति 100 में 10 मरीजों में मानसिक तनाव के कारण हार्ट रोग देखा जा रहा है।

सामने आए ये मामले

केस 1- हमीदिया अस्पताल पहुंचे श्याम शर्मा (35 वर्ष) लंबे समय से डायबिटीज के मरीज थे, लेकिन उन्हें हार्ट से जुड़ी कोई शिकायत नहीं थी। कोरोनरी एंजियोग्राफी में हार्ट की तीन प्रमुख नसों में ब्लॉकेज पाया गया। सामान्य हार्ट ट्रीटमेंट कारगर नहीं रहा। बाद में डायबिटीज को ध्यान में रखकर इलाज बदला गया।

केस-2- रणधीर सिंह (30 वर्ष) को हाल ही में डायबिटीज का पता चला था। जांच में सामने आया कि कम समय में ही उनका दिल गंभीर रूप से प्रभावित हो चुका है। फिलहाल उनका उपचार विशेष डायबिटिक हार्ट पैटर्न के अनुसार किया जा रहा है। (MP News)

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Published on:
12 Feb 2026 02:18 am
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