MP News: आवारा कुत्तों को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक हो गया, जब एक युवक ने तलवार से दो महिलाओं पर हमला कर दिया।
Dog lovers attacked women: मध्य प्रदेश की राजधानी के कांता कॉलोनी में आवारा कुत्तों को लेकर डॉग लवर्स ग्रुप और वहीं रहने वाली महिलाओं के बीच विवाद हो गया। कुछ ही देर में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। महिला ग्रुप में शामिल युवक ने आक्रोश में आकर दो महिलाओं पर तलवार से हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर घायल हो गई, जिनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। थाना प्रभारी महेश लिल्हारे ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सुरेंद्र ठाकुर की शिकायत पर केस दर्ज कर आरोपी अशोक चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है। (MP News)
गुरुवार सुबह जब कॉलोनी की महिलाओं ने दोबारा कुत्तों को देखा तो विरोध किया। इसी बात पर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। आरोपी डॉग लवर और उसके साथ आईं महिला साथी ने महिलाओं के साथ अभद्रता की। विवाद बढ़ने पर चौहान तलवार लेकर आ गया। उसने बिना कुछ सोचे वंदना सेन और लक्ष्मी ठाकुर पर तलवार से वार कर दिया, जिससे वे घायल हो गईं।
उन्होंने बताया, बुधवार को नगर निगम की डॉग स्क्वॉड टीम कॉलोनी से आवारा कुत्तों को पकड़कर ले गई थी। कुत्ते अक्सर बच्चों और महिलाओं के पीछे दौड़ते थे, जिससे डर का माहौल बना रहता था। वहीं कॉलोनी में रहने वाले आशोक चौहान ने खुद को डॉग लवर बताते हुए अपनी महिला साथी के साथ मिलकर निगम की टीम का विरोध किया। उसने कुत्तों को छुड़वा लिया। बाद में इन्हें फिर से कॉलोनी में छोड़ दिया गया।
यूजीसी की सख्त गाइडलाइन जारी होने के बाद भी बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी (बीयू) परिसर में आवारा कुत्तों का आतंक खत्म नहीं हुआ है। हालात यह हैं कि पूरे कैंपस में 30 से अधिक कुत्ते खुलेआम घूम रहे हैं। गंभीर बात यह है कि इन्हें बाहर करने के बजाय विश्वविद्यालय के ही कुछ कर्मचारी और अधिकारी खाना खिलाकर संरक्षण दे रहे हैं। सोमवार को एक बार फिर कुत्तों के हमलावर व्यवहार ने छात्रों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए।
अधिकारी बंगले के पास से गाड़ी से निकल रही एक छात्रा पर कुत्ते भौंकते हुए पीछे दौड़ पड़े। छात्रा ने किसी तरह तेजी से वाहन निकालकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद छात्राओं में दहशत का माहौल है। यूजीसी गाइडलाइन लागू होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस में कुत्तों की निगरानी और नियंत्रण की जिम्मेदारी सुरक्षा अधिकारी और गार्ड्स को सौंपी थी, लेकिन जमीनी स्तर पर असर नजर नहीं आ रहा। (MP News)