
guest scholars (Photo Source: AI Image)
MP News: मध्यप्रदेश के कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी के लिए जल्द ही हरियाणा मॉडल लागू हो सकता है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में पिछले माह समिति गठित की थी। समिति ने हरियाणा में गेस्ट फैकल्टी से से संबंधित नियम और प्रावधानों का अध्ययन कर रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को सौंप दी है।
इसके आधार पर प्रदेश के अतिथि विद्वानों की मांग पर विभागीय स्तर पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा। इधर उच्च शिक्षा मंत्री इंद्र सिंह परमार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद 250 से अधिक अतिथि विद्वानों के फॉलन आउट (सेवा समाप्ति) का मामला सामने आया है।
मंत्री ने नियमित नियुक्ति या स्थानांतरण के कारण प्रभावित हुए अतिथि विद्वानों को रिक्त पदों के विरुद्ध विकल्प (चॉइस फिलिंग) चुनने का अवसर देने के आदेश दिए थे, ताकि लंबे समय से सेवाएं दे रहे विद्वानों को राहत मिल सके। लेकिन जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का पूर्ण पालन नहीं होने से कई अतिथि विद्वानों को बाहर कर दिया गया है। फॉलन आउट हुए अतिथि विद्वानों का कहना है कि वे वर्षों से कॉलेजों में अध्यापन कार्य कर रहे हैं। अचानक सेवा समाप्ति से उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है।
मध्यप्रदेश के सरकारी आइटीआई संस्थानों में लंबे समय से कार्यरत लगभग 900 अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं। विभाग ने 1120 प्रशिक्षण अधिकारी (टीओ) पदों पर भर्ती निकली है, इस सीधी नियमित भर्ती में उन्हें न आरक्षण मिला, न अनुभव का लाभ और न ही आयु सीमा में छूट दी गई है।
इन शिक्षकों में कई ऐसे हैं जो 10 से 15 वर्षों से न्यूनतम मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब विभाग में नियमित स्टाफ की कमी थी, तब उन्होंने संस्थानों को संभाला। अब जब स्थायी नियुक्ति का अवसर आया, तो उन्हें सामान्य अभ्यर्थियों की तरह प्रतिस्पर्धा में खड़ा कर दिया गया है।
Published on:
19 Feb 2026 05:44 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
