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एमपी में शुरू होने वाली हैं 6 नई योजनाएं, सीएम मोहन यादव ने कर दी बड़ी घोषणा

MP News: मध्य प्रदेश में किसानों, बच्चों और युवाओं के साथ ही महिलाओं के लिए मोहन यादव लेकर आए नई 6 योजनाएं, जानें क्या हैं ये, कैसे मिलेगा फायदा,. करोड़ों का बजट तैयार

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MP News CM Big Announcement of 6 new schemes

MP News CM Big Announcement of 6 new schemes(Photo:patrika)

MP News: मध्य प्रदेश में महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना, लाडली लक्ष्मी योजना और किसानों के लिए संचालित की जाने वाली भावांतर जैसी कई योजनाओं के बाद मोहन सरकार ने अब एक साथ 6 नई योजनाएं शुरू करने की घोषणा कर दी है। माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार की ये योजनाएं प्रदेश को सक्षम और आत्मनिर्भर बनाएंगी। सरकार ने लक्ष्य के साथ इन छह नई योजनाओं की घोषणा की है। बजट 2026 में इन योजनाओं के लिए अलग-अलग राशि का प्रावधान किया गया है।

किसे मिलेगा इन 6 योजनाओं का लाभ

इन योजनाओं का लाभ बच्चों, किसानों के साथ ही युवाओं को भी मिलेगा। बच्चों में पोषण से लेकर किसानों की आय बढ़ाने, वन संरक्षण, शहरी विकास और आबादी भूमि के लिए मालिकाना हक तक कई फैसले शामिल हैं।

क्या लाड़ली बहना की तरह सीधे खाते में आएगा पैसा?

अगर आप सोच रहे हैं कि इन नई योजनाओं के लिए सरकार आपको लाड़ली बहना या किसानों की DBT योजनाओं की तरह सीधे खाते में राशि ट्रांसफर नहीं करेगी। ये योजनाएं संरचनात्मक और दीर्घकालिक लाभ पर केंद्रित हैं। इन योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर अमल होने के बाद ही आपको मिल पाएगा।

यहां जानें कौन-कौन सी है ये नई 6 योजनाएं और क्या हैं इनके नाम

1. यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना- कुपोषण को सीधा टारगेट करने की तैयारी

प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना की घोषणा की है। ये योजना बच्चों में कुपोषण पर सीधा टारगेट मानी जा रही है। बता दें कि एमपी कुपोषण के मामले में देश के नंबर वन रह चुका है, वहीं आज भी इस दाग को मिटाया नहीं जा सका है। ऐसे में सरकार की ये योजना प्रदेश के नक्शे से कुपोषण का दाग मिटाने की तैयारी है। हालांकि इससे पहले भी प्रदेश में कई योजनाएं कुपोषण को लेकर प्रभावी हैं और संचालित की जा रही हैं। लेकिन ये नई योजना कुपोषण को मिटाने में सहायक साबित हो सकती है। इस योजना के लिए पांच साल में सरकार 6600 करोड़ रुपए खर्च करेगी और बच्चों को दूध और पोषण आहार उपलब्ध कराएगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 700 करोड़ रुपए के खर्च का प्रावधान किया गया है।

कैसे मिलेदा यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना का लाभ?

  • आंगनबाड़ी और स्कूलों में बच्चों को नियमित दूध उपलब्ध होगा।
  • प्रोटीन और कैल्शियम की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।
  • कुपोषण और एनीमिया के मामलों में उम्मीद के मुताबिक कमी नजर आएगी।
  • इस योजना का लाभ आंगनबाड़ी में रजिस्ट्रेशन करवाने वाली गर्भवती और प्रसूता मां के साथ ही उसके बच्चों के लिए भी लागू होगी।

2. समृद्ध वन योजना- वनवृद्धि से जनसमृद्धि

वन क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाकर बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। इस योजना का बड़ा असर ये होगा कि यह स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश का हरित कवच बढ़ेगा। भूजल संरक्षण बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ ही ग्रामीण आजीविका को जोड़ने वाली योजना है।

3. कृषि वानिकी योजना- किसानों की मल्टी इनकम पॉलिसी

निजी भूमि पर फलदार पेड़ और उपयोगी पौधों को लगाने के लिए सरकार इस कृषि वानिकी योजना के तहत किसानों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह योजना खेती को एकल आय मॉडल से बहु आय मॉडल की ओर ले जाने में सहायता करेगी। इस योजना में फसल के साथ अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा। सूखे, नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा के साथ ही लकड़ी और फल से दीर्घकालिक कमाई का लक्ष्य रखा गया है। ताकि किसानों को किसी तरह से नुकसान न झेलना पड़े>

4. जनजातीय देवलोक वन संरक्षण योजना

सरकार ने इस योजना की घोषणा के तहत प्रदेश के आदिवासियों आस्था और सांस्कृतिक महत्व वाले वनों का संरक्षण करना है। इसके तहत जहां जनजातीय विरासत का संरक्षण किया जाएगा। बल्कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जिससे आदिवासी महिलाओं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार संभव हो सकेगा। इससे स्थानीय स्तर पर जहां आदिवासी क्षेत्रों को सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी वहीं मध्य प्रदेश का नाम पर्यटन के नक्शे में उभरकर आएगा।

5. द्वारका नगर योजना-शहरों का कायाकल्प करने की तैयारी

मोहन सरकार ने प्रदेश में तीन साल में करोड़ रुपए से शहरी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत ही द्वारका नगर योजना शुरू की जाएगी। इसका सीधा फायदा प्रदेश के लाखों लोगों को मिलेगा। क्योंकि इस योजाना के लागू होते ही प्रदेश के हर शहर में सड़कें बेहतर होंगी। ड्रेनेज और पेयजल व्यवस्था सुधरेगी। जलभराव और ट्रैफिक समस्या से निजात मिलेगी। वहीं व्यापार और निवेश के अवसर भी बढेंगे।

6. आबादी भूमि स्वामित्व अधिकार पंजीयन योजना

मध्य प्रदेश में 46000 करोड़ रुपए मूल्य की आबादी भूमि के स्वामित्व अधिकारों का नि:शुल्क पंजीयन किया जाएगा। सरकार 3800 करोड़ रुपए खर्च करेगी। आबादी भूमि स्वामित्व अधिकार पंजीयन योजना को प्रदेश के लिए अहम माना जा रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों को कानूनी मालिकाना हक मिलेगा। बैंक से लोन आसानी से मिलेगा। जमीन विवादों में कमी आएगी। संपत्ति का आर्थिक मूल्य बढ़ेगा। जिसका सीधा फायदा आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ा माना जा रहा है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक यदि इन योजनाओं का प्रभावी तरीके से संचालन किया गया, तो...

1- कुपोषण के आंकड़ों में सुधार आएगा
2- किसानों की आय में विविधता आएगी
3- पर्यावरण संतुलन की ओर कदम मजबूत होंगे
4- शहरी जीवन स्तर सुधरेगा
5- ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण जैसे परिणाम देखने को मिलेंगे।