थिएटर ग्रुप द्वारा एक जुलाई से 20 अगस्त तक 51 दिवसीय नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन मालवीय नगर स्थित पत्रकार भवन में किया जा रहा है।
भोपाल। हम थिएटर ग्रुप द्वारा एक जुलाई से 20 अगस्त तक 51 दिवसीय नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन मालवीय नगर स्थित पत्रकार भवन में किया जा रहा है। ये कार्यशाला उभरते हुए कलाकारों को निखारने के लिए है।
जिसमें 16 से 35 वर्ष के 25 कलाकारों को नाटक के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यशाला में सोमवार को एक्सपर्ट बालेन्द्र सिंह बालु ने प्रतिभागियों को स्वाभ्यास कराया। इसके बाद उन्हें एक-दूसरे को विभिन्न माध्यमों से चिढ़ाने के लिए कहा गया।
बालु के अनुसार कार्यशाला में दो-दो प्रतिभागियों के ग्रुप बनाए गए। एक-दूसरे को चिढ़ाने से उनके मन की झिझक दूर हो गई। इसके बाद उन्हें समाज, प्यार, न्याय, अन्याय, हेलमेट, प्रदेश जैसे दस शब्द दिए गए। ग्रुप्स को शब्द का चयन कर पांच मिनट में एक स्क्रिप्ट तैयार करना थी। इस स्क्रिप्ट पर उन्हें सिचुएशन डेललप कर एक स्टोरी तैयारी करना थी।
स्टोरी तैयारी होने पर उन्हें एक्ट करने को कहा गया। दस टीमों ने एक्ट किया। इसके बाद उन्हें सीन, स्क्रिप्ट और परफॉर्मेंस के बारे में बताया गया। उन्हें मंगलवार के लिए एक टास्क भी दिया गया। सभी प्रतिभागियों से कहा कि गया कि वे मोहल्ले या आस-पास किसी ऐसे व्यक्तिो ऑब्र्जव करें जो टिपिकल केरेक्टर जैसा हो। उन्हें इस पर पांच मिनट की स्क्रिप्ट तैयार कर एक्ट करना होगा।
बोलने से ज्यादा सुनने पर करें फोकस
भूमिका थिएटर ग्रुप द्वारा मायाराम सुरजन भवन में चल रही एक माह की नाट्य कार्यशाला में सोमवार को प्रतिभागियों को थिएटर गेम्स की जानकारी दी गई। कार्यशाला में रंगकर्मी गोपाल दुबे राजधानी के 25 प्रतिभागियों को थिएटर की बारीकियों से अवगत करा रहे हैं। सोमवार को प्रतिभागियों ने हेड टू टो एक्सरसाइज के साथ ही नाटक को करने की बारीकियों के बारे में जाना।
कार्यशाला 10 अगस्त तक जारी रहेगी। गोपाल के अनुसार प्रतिभागियों को बोलने से ज्यादा सुनने पर फोकस कराया। प्रभावी डायलाग बोलने के लिए प्रतिभागियों को बोलने से ज्यादा सुनने पर फोकस करना चाहिए। जिससे वो डॉयलाग्स को अच्छी तरह सुने और उसी हिसाब से डायलाग डिलेवरी करें। गोपाल कहते हैं कि इसके साथ ही प्रतिभागियों को पोस्टर डिजाइनिंग भी सिखाई गई।