भोपाल

ये ‘6 लक्षण’ दिखें तो आपको हो सकता है टीबी ! बेअसर हो रहीं दवाएं, स्वास्थ्य विभाग परेशान

Health news: डॉक्टरों के अनुसार, बीच में इलाज बंद करने से ही एमडीआर-टीबी हो रही है। भोपाल में 12500 से अधिक टीबी मरीज हैं।

2 min read
Mar 27, 2026
TB Symptoms (Photo Source - Patrika)

Health news: टीबी के बैक्टीरिया अब और भी घातक होते जा रहे हैं। भोपाल में मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) के साथ अब एक्सटेंसिवली ड्रग रेजिस्टेंट' (एक्सडीआर) टीबी के बढ़ते मामले स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा रहे हैं। ऐसे टीबी के बैक्टीरिया पर दवाएं बेअसर हो रही हैं। निक्षय पोर्टल के आंकड़े के अनुसार, प्रदेश में सबसे अधिक भोपाल में टीबी के मरीज हैं और इस खतरनाक बैक्टीरिया से यहां सबसे अधिक लोग मर भी रहे हैं। साल में टीबी से 332 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में ज्यादातर एमडीआर टीबी के मरीज होते हैं। हर चौथे मरीज पर दवाएं बेअसर हो रही हैं।

ये भी पढ़ें

रामनवमी पर टूटा दुखों का पहाड़, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौके पर मौत

नहीं काम करती हैं महंगी दवाएं

डॉक्टरों के अनुसार, बीच में इलाज बंद करने से ही एमडीआर-टीबी हो रही है। भोपाल में 12500 से अधिक टीबी मरीज हैं। पिछले एक वर्ष में भोपाल में लगभग एक हजार ड्रग रेजिस्टेंट मामले सामने आए हैं। इसके 40 से 50 प्रतिशत रोगियों की मौत हो जाती है। अब एक्सडीआर-टीबी के मामले मिलने से चिंता और गहरा गई है। एक्सडीआर-टीबी में दूसरी श्रेणी की महंगी दवाएं भी काम नहीं करती। बायोलॉजिकल बम की तरह इसके एक संक्रमित मरीज साल में 10 से 15 स्वस्थ लोगों में टीबी फैलाते हैं।

ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान (Signs and Symptoms of Tuberculosis)

  • लगातार दो सप्ताह से अधिक खांसी और बलगम।
  • शाम के वक्त हल्का बुखार और पसीना आना।
  • अचानक वजन कम होना और सीने में दर्द।
  • दवाओं के बावजूद स्थिति में सुधार न होना।
  • खांसी के साथ खून या थूक में खून आना।
  • गले में सूजन, पेट में दर्द, या गर्दन में गांठ जैसे लक्षण

इसलिए बेअसर हो रहीं दवाएं

  • थोड़ा ठीक होने पर दवाएं बंद करने से सुपर बैक्टीरिया पैदा होते हैं।
  • कई बार निजी क्लीनिकों में सही प्रोटोकॉल (डीओटीएस) का पालन नहीं करना।
  • कुपोषण और घनी आबादी के कारण पुराने भोपाल में एमडीआर- टीबी मरीज अनजाने में अन्य स्वस्थ लोगों को संक्रमित कर रखा है।
  • सामान्य टीबी का इलाज छह महीने और एमडीआर- टीबी का इलाज 18 से 24 महीने तक चलता है। इसकी दवाएं बेहद महंगी और शरीर पर भारी पड़ती हैं।

टीबी की सामान्य दवाएं लेने के 2 महीने बाद भी सुधार नहीं हो रहा है, वजन लगातार गिर रहा है और बलगम में खून आ रहा है, तो तुरंत 'निक्षय केंद्र' जाकर 'ड्रग सेंसिटिविटी टेस्ट' (डीएसटी) कराएं। देरी जानलेवा हो सकती है। डॉ. लोकेन्द्र दवे, श्वास रोग विभागाध्यक्ष, गांधी मेडिकल कॉलेज

ये भी पढ़ें

एम्स OPD में ‘पर्चा’ बनवाने का तरीका बदला, नहीं लगानी पड़ेगी लाइन

Published on:
27 Mar 2026 03:24 pm
Also Read
View All

अगली खबर