भोपाल

Lok Sabha Election 2024 : किन्नर प्रत्याशी ने त्रिकोणीय कर दी दमोह की लड़ाई, जबर्दस्त प्रचार कर रहीं दुर्गा मौसी

प्रदेश में लोकसभा की लड़ाई का सबसे दिलचस्प नजारा नजर आ रहा है। यहां बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर दुर्गा मौसी आ खड़ी हुई हैं। वे रोज कई गांवों में घूम रही हैं जिसके कारण यहां मुकाबला और कड़ा हो गया है।

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Apr 20, 2024

Lok Sabha Election 2024 दमोह लोकसभा सीट के लिए चुनाव प्रचार चरम पर पहुंचता जा रहा है। यहां बीजेपी की ओर से राहुल सिंह लोधी और कांग्रेस की तरफ से तरवर सिंह लोधी को प्रत्याशी बनाया गया है। लोधी बनाम लोधी के इस चुनावी संघर्ष को एक किन्नर की एंट्री ने दिलचस्प बना दिया है। किन्नर के चुनाव मैदान में उतरने के बाद दमोह सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।

दमोह सीट Damoh lok sabha seat election 2024 पर प्रदेश में लोकसभा की लड़ाई का सबसे दिलचस्प नजारा नजर आ रहा है। यहां बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर दुर्गा मौसी आ खड़ी हुई हैं। वे रोज कई गांवों में घूम रही हैं जिसके कारण यहां मुकाबला और कड़ा हो गया है।

हालांकि यह सीट लोधी बनाम लोधी की लड़ाई के लिए जानी जा रही थी लेकिन जैसे ही दुर्गा मौसी ने नामांकन फॉर्म खरीदा वैसे ही यह सीट चर्चित हो उठी। दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने भी इस बात की कल्पना नहीं की थी। किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर दुर्गा मौसी को इलाके की सभी किन्नरों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। यहां किन्नरों की आबादी भी तुलनात्मक रूप से ज्यादा है जिसका दुर्गा मौसी को भरपूर लाभ मिलता दिख रहा है।

भाजपा-कांग्रेस के बाद तीसरे प्रत्याशी के रूप में दुर्गा मौसी की चुनावी मैदान में दस्तक देने से कई नए समीकरण बनने लगे हैं। दुर्गा मौसी 2019 में तब चर्चा में आईं जब प्रयागराज में कुंभ के दौरान उन्हें किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर की उपाधि मिली थी।

किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर दुर्गा मौसी राजनीति में नई नहीं हैं। वे कटनी जिले से जनपद सदस्य हैं। इतना ही नहीं, दुर्गा मौसी सरपंच भी रह चुकी हैं। वे सात साल तक मुडवारा तहसील के कनवारा की सरपंच रहीं हैं। जनपद सदस्य और सरपंच का राजनैतिक अनुभव अब उनके काम आ रहा है।

दुर्गा मौसी अपनी स्कूटर से अकेले ही चुनाव प्रचार कर रहीं हैं। वे गांव—गांव जा रहीं हैं और इसके लिए रोज 125 किमी का सफर कर रहीं हैं। अभी तक वे अपने पुश्तैनी गांव से ही चुनाव प्रचार के लिए निकल रहीं हैं लेकिन जल्द ही दमोह में ठिकाना बनानेवाली हैं। दुर्गा मौसी का मानना है कि वोटर्स अब बीजेपी और कांग्रेस से उकता चुके हैं और उन्हें तीसरे विकल्प की तलाश है। यही कारण है कि वे अपनी जीत के प्रति आश्वस्त नजर आती हैं।

बता दें कि दमोह लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान होगा। यहां के रिजल्ट भी 4 जून को ही घोषित किया जाएगा। परिणाम चाहे जो हो पर दुर्गा मौसी ने इस बार दमोह लोकसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प तो बना ही दिया है।

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