
भोपाल. ईओडब्ल्यू ने शनिवार को दो अलग-अलग मामलों में एफआइआर दर्ज कर ली है। एक प्रकरण इंदौर तो दूसरा ग्वालियर का। इंदौर के मालवा परिसर स्थित आइसीआइसीआइ बैंक से मंगलसिंह राजपूत ने 19 लाख का संदिग्ध लेनदेन किया है।
जांच में सामने आया है कि मंगलसिंह ने महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में सीलबंद आटा विक्रय खरीदने-बेचने का काम किया, जिसकी एवज में 19 लाख का लेनदेन किया। जांच में इस तरह का कोई भी साक्ष्य नहीं मिला, कि वह पैक्ड आटे का धंधा करता हो।
2014 में मंगलसिंह ने यह लेनदेन किया तो बैंक की नजर में आ गया। इस पर 420 का प्रकरण दर्ज कर लिया है। वहीं, ग्वालियर के नगर निगम के तत्कालीन उपायुक्त गुलाब राव काले ने वार्ड 30 में स्थित मंगल-सुमंगल मेरिज गार्डन पर बकाया संपत्ति कर एक करोड़ 24 लाख को मात्र 20 लाख रुपए कर दिया।
उन्होंने पद का दुरुपयोग और निगम को हानि पहुंचाई है। इसके चलते उपायुक्त, गुलाब राव काले, एनके गुप्ता, शैलेंद्र शर्मा, महेंद्र शर्मा, शशिकांत शुक्ला, महेश पाराशर सभी कर संग्राहक और सुनील भटेले कार्यालय अधीक्षक के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है।
14 दिन हुई पूछताछ
ईओडब्ल्यू ने कोर्ट को बताया कि मनोहर से 20 अप्रैल से लगातार पूछताछ की जा रही थी। इसमें काफी तथ्य उजागर हुए हैं। मनोहर को हर दिन पूछताछ के लिए एक नोटिस देकर उपस्थित होने के लिए तलब किया जाता था। 14 दिन तक पूछताछ चली, जिसमें वह वकील के साथ रहा, लेकिन जो धाराएं लगाई गई हैं, उन्हें देखकर वकील ने जमानत की अर्जी नहीं लगाई।
दो से पूछताछ जारी
ईओडब्ल्यू एंटारस के सीईओ सुरेश के. के साथ दो अन्य पदाधिकारियों से इंटेरोगेशन कर रही है। इनसे अन्य लिंक मिल सकती है। इनसे किस टेंडर में किस विभाग के अधिकारियों की क्या भूमिका रही किस टेंडर में टेंपरिंग की गई कब से टेंपरिंग की जा रही थी, आदि बिंदुओं पर जानकारी हासिल की जा रही है।