व्यापारियों की मांग पर वाणिज्य कर मंत्री ने दी सैद्धांतिक सहमति
भोपाल। मध्यप्रदेश के व्यापारियों को राज्य सरकार की ओर से बड़ी राहत मिलनेवाली है. प्रदेश के व्यापारियों की मांग पर सरकार ई-वे बिल की सीमा बढ़ाने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गई है. इस मामले में प्रदेश के वाणिज्य कर मंत्री ने व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए बताया कि माल परिवहन पर लागू होने वाले ई-वे बिल की सीमा में एक बार और बदलाव करने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में अधिकारियों से चर्चा कर ली गई है।
इसके अनुसार ई-वे बिल के लिए अनिवार्य इनवायस मूल्य सीमा को बढ़ाकर दो लाख रुपये करने पर विचार प्रारंभ कर दिया गया है। प्रदेश में अभी 50 हजार रुपये या अधिक मूल्य की वस्तुओं के परिवहन पर ई-वे बिल अनिवार्य है। इसमें 41 श्रेणियों की वस्तुएं शामिल हैं. प्रदेश में 15 अप्रैल से एक लाख रुपए मूल्य की सभी वस्तुओं पर ई-वे बिल लागू होना था लेकिन नई सीमा लागू होने से पहले ही राज्य सरकार ने उसमें संशोधन कर राहत का दायरा बढ़ाने की बात कही है।
प्रदेश के वाणिज्यिक कर विभाग ने 23 मार्च को अधिसूचना जारी की थी जिसमें जीएसटी में सभी ऐसी करयोग्य वस्तुएं जिनके बिल एक लाख या इससे ज्यादा का होगा उनके माल परिवहन पर वे ई-वे बिल अनिवार्य किए जाने की बात कही गई थी। जीएसटी में किए गए ये बदलाव 15 अप्रैल से लागू होने थे पर व्यापारी इसका विरोध कर रहे थे। इस संबंध में व्यापारियों ने सरकार के समक्ष मांग भी रखी जिसपर सहमति जताते हुए प्रदेश सरकार ने इनवायस सीमा में फिर से बदलाव पर विचार शुरू कर दिया है।
मध्यप्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौर के प्रमुख कारोबारी संगठन अहिल्या चेंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ने इस संबंध में प्रदेश के वित्त व वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा से मुलाकात की थी. तब प्रतिनिधियों ने सुगम व्यापार के लिए मंत्री के समक्ष मांग रखी थी कि ई-वे बिल की इनवायस सीमा दो लाख रुपये होना चाहिए। सोमवार को भोपाल में वित्त व वाणिज्यिककर मंंत्री ने विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। सूत्रों के अनुसार बैठक में ई-वे बिल इनवायस सीमा में बढ़ोत्तरी के लिए मंत्री ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है।