बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में पिछले पांच सालों से तैनात सुरक्षा एजेंसी तो नहीं हट पा रही है, लेकिन इसको लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। कुलपति चेंबर में कार्यवाहक कुलपति प्रो. एके पाठक के सामने सोमवार को कार्यपरिषद सदस्य हेमंत कटारे और कार्यवाहक रजिस्ट्रार अनिल शर्मा के बीच इसको लेकर तीखी नोक-झोंक हो गई। कटारे ने आरोप लगाए कि एजेंसी को रजिस्ट्रार का संरक्षण मिला हुआ है। इस पर रजिस्ट्रार ने कहा कि मुझे माफ करें, यदि मेरा काम पसंद नहीं आ रह है तो हटवा दें। लेकिन इस तरह के व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाएं।
बीयू में मंगलवार से युवा उत्सव शुरू होने जा रहा है। यहां एक दर्जन से अधिक विश्वविद्यालय के छात्र भी मौजूद हैं। उत्सव के चलते कई वीआईपी विवि में मौजूद रहेंगे। दूसरी ओर लगातार सुरक्षा में लापरवाही सामने आ रही हैं। इसके मद्देनजर कटारे सोमवार को अचानक निरीक्षण करने पहुंचे। इसके बाद कुलपति कक्ष में उनकी कार्यवाहक रजिस्ट्रार अनिल शर्मा से बहस हो गई। आधे घंटे नोंक-झोंक के बाद रजिस्ट्रार जाने लगे, लेकिन कार्यवाहक कुलपति डॉ. पाठक के मनाने पर वे वापस आए और इस मुद्दे पर फिर चर्चा करने लगे। इस दौरान कार्यवाहक कुलपति डॉ. पाठक चुप्पी साधे बैठे रहे।
सिर्फ 19 गार्ड करते मिले ड्यूटी
कटारे का कहना है कि आठ घंटे की एक शिफ्ट में कम से कम 30 गार्ड ड्यूटी पर होने थे, लेकिन पूरे विवि के अलग-अलग पाइंट पर सिर्फ 19 गार्ड मिले। सबसे ज्यादा दो कुलपति निवास पर और तीन सत्यभवन में मिले। इनमें से भी आधा दर्जन गार्ड अपने तय पाइंट पर नहीं मिले।
कटारे के मुताबिक विवि की इंट्री से लेकर प्रशासनिक भवन के पास बनी कैंटीन में आसानी से सिगरेट,गुटखा आसानी से मिल रहा है। जबकि, इन उत्पादों की बिक्री पर रोक लगी हुई है।
- एक भी गार्ड विवि की तय शर्त पर खरा नहीं उतरता
- किसी भी गार्ड के पास अपना परिचय-पत्र नहीं मिला।
- यूनिफॉर्म पर एजेंसी का नाम नहीं था।
- गाडर््स ने बताया कि उन्हें वेतन नकद दिया जाता है।
- खुद सुपरवाइज बिना यूनिफॉर्म के मिला
मैं घोटाला साबित कर सकता हूं
सुरक्षा एजेंसी के नाम पर अभी तक पांच करोड़ रुपए का घोटाला हो चुका है और आगे भी जारी है। छात्राएं पसिर में छेड़छाड़ की शिकार हो रही हैं। कार्यवाहक रजिस्ट्रार से संरक्षण मिला हुआ है। मैं इस पूरे घोटाले को साबित कर चुका हूं। बार-बार शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मेरे उपर लगाए गए सभी आरोप तथ्यहीन हैं। कार्यपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस एजेंसी से काम लिया जा रहा है। टेंडर किए है, जल्द ही नई एजेंसी मिलेगी।
कार्यपरिषद सदस्य ने निरीक्षण कराया, उसमें खामियां निकली है। इस बात को लेकर सुरक्षा एजेंसी को नोटिस जारी करेंगे। सुरक्षा में कहां खामियां हैं, सुरक्षा एजेंसी का इसमें क्या रोल है? इस बात को लेकर पहले से कमेटी कार्य कर रही है।