
भोपाल। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को राजधानी के 72 केन्द्रों पर आयोजित की गई। हर केन्द्र पर कोरोना मरीज परीक्षार्थियों के लिए अलग कक्ष भी बनाए गए थे लेकिन कोई भी कोरोना पीडि़त परीक्षा देने नहीं पहुंचा। भेल कॉलेज में बने परीक्षा केन्द्र पर बिजली गुल हो गई। इनवर्टर ने भी कुछ ही समय में जवाब दे दिया। इससे परीक्षार्थियों ने मोमबत्ती के उजाले में परीक्षा दी।
एमपीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में भोपाल के केन्द्रों पर परीक्षा देने के लिए कुल 29,063 उम्मीदवारों ने फॉर्म भरा था। लेकिन 19 हजार 279 ही शामिल हुए। लगभग 66 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। शासकीय पीजी भेल कॉलेज में परीक्षा के दौरान उस समय अव्यवस्था फैल गई जब वहां परीक्षा के बीच में ही बिजली गुल हो गई। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने इनवर्टर चालू कराया लेकिन वह भी कुछ ही देर बाद बंद हो गया। यहां पर 135 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे थे। कॉलेज प्रशासन ने इनवर्टर बंद होने के बाद इनकी टेबल पर मोमबत्तियां जलाई इसकी लाइट में उन्होंने परीक्षा दी। क्योंकि बारिश और बादलों के कारण सूर्य का प्रकाश भी पर्याप्त नहीं था। इससे कमरे में अंधेरा जैसा हो गया था। भेल कॉलेज के केन्द्र अधीक्षक डॉ मथुरा प्रसाद के अनुसार परीक्षा से पहले ही भेल प्रबंधन और बिजली कंपनी को परीक्षा को लेकर अबाधित बिजली आपूर्ति करने की सूचना दे दी थी। इसके बावजूद रविवार को 3.30 बजे अचानक बिजली गुल हो गई। इसके बाद कॉलेज का इनवर्टन चालू करा दिया गया था। बिजली बार-बार जाने की समस्या के चलते हमने पहले से मोमबत्तियां भी मंगाकर रखी थी और हर परीक्षार्थी की टेबल पर एहतियातन इन्हें रख दिया गया था। इससे परीक्षार्थियों को परीक्षा देने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
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यूपीएससी के पेटर्न पर थोड़ा कठिन आया पेपर
परीक्षा देने वाले अनिल शर्मा ने बताया कि इस बार पेपर थोड़ा कठिन आया है। यह यूपीएससी के पेटर्न पर आया है। इसलिए प्रदेश के परीक्षार्थियों को नुकसान हो सकता है। सामान्य ज्ञान के प्रश्न काफी गहराई से पूछे गए। जिन छात्रों ने पहले के पेपर्स और सिलेबस के अनुसार तैयारी की थी उनको हल करने में समस्या आई। क्योंकि प्रश्न काफी ब्रॉड क्षेत्रों से पूछे गए।
परीक्षा के दौरान भेल सेंटर पर बिजली गुल होने की सूचना मिली थी। लेकिन सभी इंतजाम वहां पहले से ही थे। इसलिए परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
- संजू कुमारी, उपायुक्त राजस्व और परीक्षा की प्रभारी अधिकारी