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Bhopal news: 12 हजार घरों में ‘लोड’ की जांच करेगी बिजली कंपनी , घर-घर जाएगी टीम

Electricity company: बिजली कंपनी 12 हजार स्मार्ट मीटर वाले बंद घरों में घोस्ट लोड (फैंटम पॉवर) की विशेष जांच करेगी।
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Electricity consumers: चेक किया जाएगा बिजली लोड (Photo Source - Patrika)

Electricity consumers: चेक किया जाएगा बिजली लोड (Photo Source - Patrika)

Bhopal news: एमपी के भोपाल शहर में बिजली कंपनी की टीम शहर के 12 हजार घरों में बिजली खपत की विशेष जांच करेगी। यहां स्मार्ट मीटर लगे हुए है। कुछ माह से ये घर बंद है, लेकिन बावजूद इसके इन कनेक्शन पर बिजली करंट दर्ज हो रहा है। इसे घोस्ट लोड या फैटम पॉवर कहते है। आमतौर पर बिजली उपकरणों को रिमोट से बंद करने के बाद भी करंट का फ्लो रहने से कुछ पॉवर दर्ज होता है। एक मानक स्थिति ये ज्यादा दर्ज हो रहा है तो फिर मीटर में लीकेज, चोरी की आशंका रहती है। जांच करके देखा जाएगा कि कहीं बिजली का अवैध उपयोग तो नहीं हो रहा है।

ऐसे समझें स्वीच ऑफ में भी बढ़ रहा बिल

इलेक्ट्रिक एक्सपर्ट प्रोफेसर श्वेता जैन का कहना है कि जब आप टीवी, सेट-टॉप बॉक्स, एसी, माइक्रोवेव या मोबाइल चार्जर को रिमोट या डिवाइस बटन से बंद कर देते हैं, लेकिन मुख्य स्विच ऑन छोड़ देते हैं, तो उपकरण पूरी तरह बंद नहीं होते। उनकी आंतरिक सर्किटरी चालू रहती है। यह अनजाने में 24 घंटे होने वाली बिजली की खपत ही 'घोस्ट लोड' कहलाती है। स्मार्ट मीटर सॉलिड-स्टेट डिजिटल सेंसर्स पर काम करते हैं। उपकरण का 2 से 5 वाट का छोटा स्टैंडबाय लोड भी इसमें दर्ज होता रहता है, जो महीने के अंत में बिल में कई यूनिट जोड़ देता है।

घोस्ट लोड कम करने के उपाय

-टीवी व सेट-टॉप बॉक्स रिमोट से बंद करने के बाद मेन पावर स्विच बंद करें।
-इस्तेमाल न होने पर चार्जर प्लग से बाहर निकाल दें।
-सीजन खत्म होने या उपयोग न होने पर एसी, गीजर को मुख्य स्विच से बंद कर दें।
-भारी उपकरणों को स्मार्ट प्लग से जोड़कर टाइमर कट-ऑफ सेट करें।

स्मार्ट मीटर से मिलने वाले अलर्ट व अन्य तरीकों से बिजली के अवैध उपयोग करने वालों की पड़ताल की जा रही है। संदेह होने पर टीम फिजिकल वेरिफिकेशन कर रही है। इससे बिजली चोरी रोकने में मदद मिल रही है। पीएस चौहान, जीएम, सिटी सर्कल

शुरु होगी भार बढ़वाने की प्रक्रिया

कंपनी अब अपने चार लाख स्मार्ट मीटर से मिले डाटा के आधार पर उपभोक्ताओं के घर में बिजली के लोड की जांच शुरू करेगा। दरअसल हर उपभोक्ताओं को कनेक्शन के समय स्वीकृत लोड होता है। उपभोक्ताओं के मंजूर भार के अनुसार ही संबंधित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था तय होती है। यदि ऐसे में कोई उपभोक्तता इस भार से अधिक का उपयोग करता है तो उसके लिए अनुमति व तय शुल्क देना होता है। अधिकांश उपभोक्ता ऐसा नहीं करते। स्मार्ट मीटर से कंपनी के पास उपभोक्ताओं के स्वीकृत लोड व उपयोग किए जा रहे लोड की पूरी डिटेल आ गई है। कंपनी अब अतिरिक्त भार के लिए पेनाल्टी लगाने के साथ ही भार बढ़वाने की प्रक्रिया शुरू करेगी।