
साइबर पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद देशभर के साथ-साथ मध्य प्रदेश में साइबर ठगी का जाल लगातार फैलता जा रहा है। साइबर सेल ठगों के एक तरीके का पर्दाफाश करती है तो ये दूसरे तरीके से आमजन के साथ ठगी का तरीका ढूंढ निकालते हैं। आलम ये है कि, अब इन साइबर ठगों का जाल मध्य प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव पर फैल गया है, जिसने निर्वाचन आयोग की नींद उड़ाकर रख दी है।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे निर्वाचन आयोग के लिए चुनौती बढ़ते जा रही है। आलम ये है कि, निर्वाचन पदाधिकारी को इस संबंध में सूचना जारी करनी पड़ी है। जारी सूचना के तहत कहा गया है कि, बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ के साथ सोशल मीडिया के जरिए फर्जी बीएलओ ऐप डाउनलोड कराकर इन साइबर ठगों द्वारा धोखाधड़ी की जा रही है।
ACEO ने कलेक्टरों और निर्वाचन अधिकारियों को लिखा पत्र
मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची की त्रुटियों में सुधार करने में जुटे निर्वाचन आयोग के लिए ये साइबर ठग बड़ी चुनौती बन गए हैं। बताया जा रहा है कि, बूथ लेवल ऑफिसर के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। ये धोखाधड़ी सोशल मीडिया के जरिए फर्जी BLO ऐप डाउनलोड करा कर की जा रही है। हालात इतनी तेजी से बिगड़ रहे हैं कि, अब अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कुमार कौल की ओर से प्रदेश के सभी कलेक्टरों के साथ साथ जिला निर्वाचन अधिकारियों को एक पत्र लिखना पड़ा है।
BLO के जरिए कराई जा रही ठगी
अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कुमार कौल द्वारा कलेक्टरों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा गया है कि, बीएलओ को सोशल मीडिया फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब के माध्यम से लिंक के जरिए ये धोखाधड़ी की जा रही है। वोटर लिस्ट के काम में लगे बीएलओ के साथ ये ठगी करने की कोशिश की जा रही है। बीएलओ को उनके मोबाइल पर फर्जी कॉल कर संबंधित मतदान केंद्र के BLO ऐप में लॉग इन कर विवरण मुहैया करा रहे है। यही नहीं, उन्हें गूगल प्ले स्टोर से फर्जी BLO एप डाउनलोड करने को भी कहा जा रहा है। डाउनलोडिंग में दिक्कत बताकर मोबाइल या कंप्यूटर को एनीडेस्क एप्लीकेशन से बीएलओ का सिस्टम हेक कर उनके अकाउंट खाली किए जा रहे हैं। अब इस संबंध में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी बीएलओ को सतर्क रहने को कहा है।