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सीएम मोहन यादव का ताबड़तोड़ एक्शन, सीएस से बात की और हटा दिए अफसर, किसी को भनक तक नहीं लगी

CM Mohan Yadav Action- एमपी के करीब ढाई दर्जन आइएएस अफसरों को किया इधर से उधर, मुकेश गुप्ता का वनवास खत्म, सीनियर से नहीं बनने पर अमनबीर व नेहा हटे

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सीएम मोहन यादव और सीएस अनुराग जैन

CM Mohan Yadav CS Anurag Jain सीएम मोहन यादव और सीएस अनुराग जैन Photo source Patrika.com

CM Mohan Yadav- मध्यप्रदेश में भले ही 16 जून को तबादलों पर प्रतिबंध लागू हो गया पर प्रशासनिक सर्जरी जारी है। 17 जून को प्रदेश के करीब ढाई दर्जन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया गया। इनमें से कुछ अफसरों को जहां विभिन्न नकारात्मक कारणों से हटाया गया वहीं अनेक अधिकारियों को अच्छे कार्यों के लिए अहम दायित्व देकर उत्साहित किया गया। प्रशासनिक दृष्टि से यह फेरबदल काफी महत्वपूर्ण है। खास बात यह है कि सीएम मोहन यादव CM Mohan Yadav ने इस मामले में ताबड़तोड़ एक्शन लिया। उन्होंने आइएएस अधिकारियों की पदस्थापना के संबंध में केवल मुख्य सचिव यानि सीएस अनुराग जैन से ही अंतिम चर्चा की। गोपनीयता ऐसी थी कि सूची जारी होने पर ही अधिकारियों व अन्य संबंधितों को ट्रांसफर होने का पता चला।

प्रशासनिक सर्जरी के अंतर्गत कई अहम बदलाव हुए। आलोक कुमार सिंह को सीएमओ से हटाकर पंजीयन महानिरीक्षक का प्रभार सौंपा है। वहीं लंबे समय बाद मुकेश गुप्ता का वनवास खत्म होकर मंत्रालय में वापसी हुई है। पूर्व सीएस के बेटे अमनबीर सिंह बैस की एसीएस मनु श्रीवास्तव और नेहा मारव्या की गुलशन बामरा से पटरी नहीं बैठने के कारण उन्हें हटा दिया गया। हालांकि अमनबीर को लूप लाइन तो नेहा को बड़ी जिम्मेदारी मिली है।

खनिज विभाग से अपर सचिव भारती जाटव ओगरे को हटाया गया है। सूत्र बताते हैं कि खनिज विभाग में मिली शिकायतों के चलते उनकी विभाग से रवानगी हुई। वहीं मंत्री राकेश सिंह से विवाद के बाद चर्चा में आए अरविंद कुमार शाह को स्मार्ट सिटी जबलपुर के सीईओ से तो हटा आयुष्मान भारत मप्र का सीईओ बनाया गया है। यह विवाद सीएम तक पहुंचा था।

मुकेश गुप्ता काफी समय से लूप लाइन में थे

सहकारिता विभाग से एक विवाद के चलते हटाए जाने के बाद से मुकेश गुप्ता काफी समय से लूप लाइन में थे। उन्हें राजभवन भेजा गया था लेकिन राज्यपाल ने उनकी सेवाएं जल्द वापस कर दीं। इसके बाद उन्हें मानवाधिकार आयोग का सचिव बनाया गया था। अब उन्हें राजस्व विभाग की जिम्मेदारी मिल गई है।

इसी प्रकार दीपक सिंह को भी भागीरथपुरा कांड के बाद इंदौर कमिश्नर के पद से हटाया गया था। इसके बाद उन्हें लूप लाइन में राज्य निर्वाचन आयोग भेज दिया गया। अब उन्हें सहकारिता विभाग मिला है।
छिंदवाड़ा कलेक्टर रहते शीलेंद्र सिंह के साफ सफाई के लिए 'वॉश ऑन व्हील्स' नवाचार शुरू किया था। इसे बाद में पीएस एकसीलेंस अवार्ड मिला था। उन्हें भी अवॉर्ड के बतौर अब रीवा संभाग की कमान सौंपी है।

सिया का प्रभार अनिरुद्ध मुकर्जी को सौंपा

एसीएस अशोक बर्णवाल के पास स्वास्थ्य के साथ कृषि का अतिरिक्त प्रभार था। बैठकें नहीं होने से खरीफ का प्लान लेट हो गया। इसे देखते हुए अब केसी गुप्ता को कृषि उत्पादन का जिम्मा सौंपा है। वहीं सिया का प्रभार अनिरुद्ध मुकर्जी को सौंपा गया है।

सीएस से बात की और हटा दिए अफसर, किसी को भनक तक नहीं लगी

आइएएस अधिकारियों की बुधवार को जारी हुई तबादला सूची की किसी को कानों-कान भनक नहीं लगी। इससे अधिकारी भी सकते में हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केवल मुख्य सचिव अनुराग जैन से बात की। दोनों के बीच चर्चा हुई और शाम को ही लिस्ट जारी कर दी गई।