4 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘सनातन बोर्ड होता तो राम मंदिर में चंदा चोरी नहीं होता’, भोपाल में बोले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर

kathavachak Devkinandan Thakur Interview : पत्रिका से खास बातचीत में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- '10 बच्चे भी हो जाएं तो क्या बुराई है, कम से कम दो-तीन तो करें'।
2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Mohammad Faiz Mubarak

image

Rupesh Mishra

Jun 18, 2026

kathavachak Devkinandan Thakur Interview

kathavachak Devkinandan Thakur Interview (कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर से खास बातचीत Photo Source- Patrika)

Bhopal News : अयोध्याधाम के श्रीराम मंदिर में करोड़ों के गबन का मामला इन दिनों खासा सुर्खियों में है। इसी बीच मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित कथा करने आए प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने पत्रिका से हुए साक्षात्कार के दौरान कहा है कि, 'अगर आज सनातन बोर्ड होता तो राम मंदिर में चंदे की चोरी नहीं होती, क्योंकि इस बोर्ड का संचालन चारों शंकाराचार्य में कोई एक देख रहे होते। उनकी देखरेख में ये संभव नहीं था।' आइये जानते हैं ठाकुर से खास बातचीत के प्रमुख अंश…।

सवाल- क्या धर्म आस्था से ज्यादा राजनीति का विषय है?

जवाब- आजादी के बाद से कभी हमने अपने धर्म संस्कृति और परंपराओं को प्रकट नहीं किया। धार्मिक भावना को छिपाते गए। अब हमें सनातन की खुलकर बात करनी चाहिए। मेरा मानना है कि, अगर किसी भी पार्टी में कोई सनातनी है और सनातनी परंपरा का निर्वहन करता है तो ये मेरे लिए सबसे अच्छी बात है।

सवाल- राम मंदिर में चंदा चोरी की घटना से भक्तों की आस्था को चोट पहुंची है?

जवाब- भगवान राम पूरे जगत के हैं। उनके मंदिर से आ रही चोरी की आवाजें भावना को ठेस पहुंचाने वाली हैं। जिन कार्यकर्ताओं ने ऐसा किया, उन्हें धन भेंट कर वहां से खुद हट जाना चाहिए। मैं इसीलिए कहता हूं कि, सनातन बोर्ड बनना चाहिए।

सवाल- बेरोजगारी के दौर में आप माता-पिता को बच्चे की शादी 20-25 साल में करने की सलाह क्यों देते हैं?

जवाब- या बच्चा 35 या 50 साल तक अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो तो क्या उसकी शादी नहीं करें…। आप कब शादी करें वो आपकी मर्जी है, लेकिन मैं कहता हूं कि विवाह की उम्र 20-25 साल है। विदेश में 16 साल के बच्चे को माता-पिता घर से बाहर कर देते हैं। बच्चा खुद अपने खर्चे चलाता है। मेरा मानना है कि, आप उस दिन सेटल हो जाते हैं, जिस दिन दो रुपए कमाकर घर लौटते हैं। बड़ा मकान और बड़ी गाड़ी होना सेटल होना नहीं कहलाता।

सवाल- इस मंहगाई में आप 5-5 बच्चे पैदा करने की सलाह देते हैं?

जवाब- अरे.. 5 क्या 10 हो जाएं तो क्या बुराई है। कम से कम दो-तीन तो करें। एक जगह गया था तो पता चला कि, इकलौते बेटे का सड़क हादसे में निधन हो गया। अब माता - पिता जीवन किस दुख के साथ जी रहे होंगे। भगवान ने दो आंख, दो किडनी, दो हाथ और दो पैर इसीलिए नहीं दिए, ताकि एक खराब हो जाए तो दूसरे से काम चलाया जा सके।