
cm mohan yadav- सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।
MP Cabinet Decisions- मध्यप्रदेश की मोहन कैबिनेट की बैठक ने मंगलवार को कई अहम फैसलों को मंजूरी दे दी। इसमें किसानों को कवच योजना, शिक्षा क्षेत्र से लेकर कई बड़े प्रस्तावों को पास कर दिया।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार 4 अगस्त को हुई। भोपाल स्थित मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक की जानकारी पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने मीडिया को दी। राकेश सिंह ने बताया कि सरकार ने डिफाल्टर किसानों को राहत देने के लिए सुरक्षा कवच योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। सहकारी समितियों के माध्यम से लोन में फंसे करीब 5 हजार किसानों को इससे बाहर निकालने के लिए यह फैसला किया गया है।
सहकारिता विभाग की 'कवच योजना' उन किसानों के लिए शुरू की गई है, जिनकी सहकारी समितियों के ऋण खातों में अनियमितताएं हुई हैं। ऐसी स्थितियों में किसान किसी भी प्रकार से प्रभावित न हों, यह योजना उसी उद्देश्य से बनाई गई है। यदि किसी किसान पर इन अनियमितताओं का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, तो उसे पुनः मुख्यधारा से जोड़कर विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। साथ ही, प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए जिला सहकारी बैंक एवं अपेक्स बैंक अपने स्तर पर आवश्यक नीति बनाकर उन्हें उचित सहायता उपलब्ध कराएंगे।
राकेश सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर के लिए 20 नए पदों का सृजन 7 फरवरी को किया गया था, उनमें प्रचलित पदनामों को परिवर्तित कर नए पदनाम दिए गए हैं।
राकेश सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में महर्षि सांदीपनि गुरुपर्व मनाया। राज्य में 60 नये सांदीपनि स्कूलों की सौगात और मिल रही है। वहीं, स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हज़ार शिक्षकों की भर्ती की गई है।साथ ही AI पर केंद्रीय मिशन बुनियाद का शुभारंभ हुआ, जो कि प्रदेश के 8 जिलों के 500 शासकीय विद्यालयों में संचालित होगा।
राकेश सिंह ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में लगातार तीन वर्षों तक शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को ₹1 लाख की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही, संबंधित विद्यालय में विकास कार्यों के लिए ₹5 लाख की विशेष राशि भी दी जाएगी। इस पहल से प्राचार्यों के उत्कृष्ट कार्य का सम्मान होगा और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर अधोसंरचना को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अगस्त को छिंदवाड़ा से “जन विश्वास अभियान” की शुरुआत करेंगे। सरकार के सभी मंत्रीगण इस अभियान में प्रदेशभर में विभिन्न जिलों में पहुंचकर जनसंवाद करेंगे।
राकेश सिंह ने बताया कि इस वर्ष भी 9 से 17 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा' अभियान जन-भागीदारी के साथ आयोजित किया जाएगा। 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इसे भी अभियान से जोड़ा जाएगा। वहीं, अभियान अंतर्गत प्रदेशभर के जिलों में तिरंगा से तिरंगा कार्यक्रम, रंगोली, प्रदर्शनी, तिरंगा कॉन्सर्ट, तिरंगा ई-बाइक, तिरंगा साइकिल एवं तिरंगा बाइक रैलियों का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही सैन्यबलों के जवानों और पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए उन्हें पत्र लेखन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन ग्वालियर में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह परियोजना 350 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगी, जहां मोबाइल निर्माण, नेटवर्किंग उपकरण, ऑप्टिकल फाइबर केबल, सेमीकंडक्टर चिप्स तथा 5G और 6G तकनीक से जुड़े विनिर्माण एवं अनुसंधान का कार्य किया जाएगा।
परियोजना के प्रथम चरण के लिए केंद्र सरकार ने ₹493 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। वहीं, राज्य सरकार इस परियोजना के लिए 170 एकड़ भूमि निःशुल्क उपलब्ध करा रही है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹596 करोड़ है। इस परियोजना से प्रदेश में लगभग ₹15,000 करोड़ का निवेश आएगा तथा 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
जनजातीय कार्य विभाग में शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना प्रारंभ की जा रही है। इसके अंतर्गत सहायक शिक्षक, प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक एवं उच्च श्रेणी शिक्षकों को 1 जुलाई 2023 के बाद 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान किए जाने का प्रस्ताव है। इस योजना से आगामी 3 वर्षों में लगभग 6,846 शिक्षक लाभान्वित होंगे।
कैबिनेट बैठक में जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अखिल भारतीय दयानंद आश्रम सेवा संघ, जो दिल्ली में पंजीकृत संस्था है, का कार्यक्षेत्र मध्यप्रदेश के रतलाम और झाबुआ जिलों में है। राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में पंजीकृत संस्थाओं को अनुदान प्रदान किया जाता है। चूंकि उक्त संस्था दिल्ली में पंजीकृत है और इसी नाम से मध्यप्रदेश में इसका पंजीयन संभव नहीं है, इसलिए वर्ष 2015-16 से 2024-25 तक की अवधि के लिए पंजीयन की अनिवार्यता से 10 वर्षों की छूट प्रदान की गई है। इस निर्णय से मध्यप्रदेश सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग अंतर्गत स्टेडियमों, खेल सुविधाओं एवं खेल अधोसंरचना के विकास के लिए आगामी 5 वर्षों के लिए ₹2,460 करोड़, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए आगामी 5 वर्षों के लिए ₹12,517 करोड़, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास मिशन के लिए लगभग ₹2,448 करोड़ तथा स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना एवं संचालन के लिए आगामी 5 वर्षों के लिए लगभग ₹11,812 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
Updated on:
04 Aug 2026 04:29 pm
Published on:
04 Aug 2026 04:29 pm
