भोपाल

Election 2019: ‘आदिवासी कानून’ पर भारी पड़ गया बयान, चुनाव आयोग ने मांगा जवाब

Election 2019: 'आदिवासी कानून' पर भारी पड़ गया बयान, चुनाव आयोग ने मांगा जवाब

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May 02, 2019

भोपाल। मध्यप्रदेश के शहडोल में हाल ही में चुनाव प्रचार करने आए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को आदिवासी कानून पर बयान देना भारी पड़ गया। चुनाव आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। राहुल गांधी ने चुनावी सभा में कहा था कि नरेंद्र मोदी ने एक नया कानून बनाया है जिसमें एक लाइन है कि आदिवासियों को गोली मारी जा सकती है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर शहडोल की एक रैली में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। Rahul Gandhi ने आदिवासी बहुल क्षेत्र को संबोधित करते हुए कहा था कि मोदी सरकार ने एक ऐसा कानून भी बनाया है जिसके अंतर्गत सरकार आदिवासियों से उनकी ज़मीन और संसाधन छीनकर उन्हें गोली भी मार सकती है।

यह भी कहा था
उस रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि मैं वायदा करता हूं कि 2019 के बाद कर्ज न चुका पाने के कारण कोई किसान जेल नहीं जाएगा। rahul gandhi ने कहा था कि जीएसटी और नोटबंदी के कारण अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगा है और कांग्रेस की न्याय योजना के बाद कई रोजगार आएंगे और अर्थ व्यवस्था पटरी पर लौटेगी।

दो दिन में दें जवाब
राहुल गांधी के बयान के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा है। आयोग के नोटिस के अनुसार 23 अप्रैल को शहडोल में एक रैली में राहुल गांधी ने यह बयान दिया था। उधर, कांग्रेस की तरफ से इस मामले में कोई बयान सामने नही आया है।

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Published on:
02 May 2019 12:29 pm
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