भोपाल। इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 के विरोध में बिजली कर्मचारी सोमवार को दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन करेंगे।
भोपाल। इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 के विरोध में बिजली कर्मचारी सोमवार को दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन करेंगे। ये प्रदर्शन कंपनी मुख्यालय गोविंदपुरा में किया जाएगा। 10 अगस्त को एक दिन की हड़ताल- कार्य बहिष्कार करेंगे। बिजली इंजीनियर्स की राष्ट्रीय समन्वय समिति एनसीसीओईई की ऑनलाइन मीटिंग में इसका निर्णय लिया गया। मीटिंग की अध्यक्षता ऑल इण्डिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने की। मध्य प्रदेश यूनाइटेड फ ोरम फ ॉर पावर इंप्लाईज एवं इंजीनियर के वीकेएस परिहार ने बताया कि केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र में इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 संसद में रखने और पारित करने का एलान किया।
इस बिल के जरिए बिजली वितरण का लाइसेंस लेने की शर्त समाप्त की जा रही है, जिससे बिजली वितरण के सम्पूर्ण निजीकरण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। इस बिल में प्राविधान है कि किसी भी क्षेत्र में एक से अधिक बिजली कंपनियाँ बिना लाइसेंस लिए कार्य कर सकेंगी और बिजली वितरण के लिए यह निजी कम्पनियां सरकारी वितरण कंम्पनी का इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क इस्तेमाल करेंगी। उन्होंने बताया कि निजी कंपनियां केवल मुनाफे वाले औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को ही बिजली देंगी, जिससे सरकारी बिजली कंपनी की वित्तीय हालत और खराब हो जाएगी। नए बिल से सरकार बिजली वितरण का पूरा निजीकरण करने जा रही है जो किसानों और गरीब घरेलू उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। बिल के विरोध में सोमवार को बिजली कर्मी विरोध सभाएं करेंगे। इसके बाद 27 जुलाई को कमेटी के राष्ट्रीय पदाधिकारी केंद्रीय विद्युत मंत्री आरके सिंह से दिल्ली में मिलकर ज्ञापन देंगे। 03 अगस्त को उत्तरी क्षेत्र, 04 अगस्त को पूर्वी क्षेत्र, 05 अगस्त को पश्चिमी क्षेत्र और 06 अगस्त को दक्षिणी क्षेत्र के बिजली कर्मी दिल्ली में श्रम शक्ति भवन पर सत्याग्रह करेंगे। इसके बाद 10 अगस्त को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि केंद्र सरकार ने 10 अगस्त के पहले संसद में बिल रखा तो देश भर के बिजली कर्मी उसी दिन हड़ताल करेंगे।