B Sc Nursing- एमएससी और पोस्ट बेसिक में मेरिट से दाखिला : बीएससी नर्सिंग में प्रवेश के लिए होगी परीक्षा
B Sc Nursing- मध्यप्रदेश में नर्सिंग में एडमिशन में बड़ा बदलाव किया गया है। प्रमुख कोर्सों की प्रवेश प्रक्रिया इस वर्ष से पूरी तरह बदल गई है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नया गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। इसमें साफ किया है कि अब केवल बीएससी नर्सिंग में प्रवेश के लिए परीक्षा होगी। वहीं एमएससी नर्सिंग और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग में दाखिला मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। नई व्यवस्था से नर्सिंग कोर्सेस के इच्छुक स्टूडेंट का खासा लाभ होगा। प्रवेश प्रक्रिया में मिली छूट से हजारों विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मध्यप्रदेश में नर्सिंग कोर्सेस कई सालों से विवाद में चल रहे हैं। नर्सिंग घोटाले के कारण स्टूडेंट बहुत पिछड़ चुके हैं। कई कॉलेजों की मान्यता समाप्त कर दी गई है वहीं परीक्षाओं में भी अनेक अड़ंगे आ रहे हैं। इन दिक्कतों के बीच प्रदेश सरकार ने स्टूडेंट का बड़ी राहत देते हुए नर्सिंग कोर्सेस में प्रवेश प्रक्रिया शिथिल कर दी है।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार अब एमएससी और पोस्ट बेसिक में स्टूडेंट को मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जाएगा। बीएससी नर्सिंग में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को परीक्षा देनी होगी।
विभाग ने इसके लिए गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
बता दें कि पिछले वर्षों तक सभी नर्सिंग कोर्सों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित होती थी। नई प्रवेश प्रक्रिया से प्रदेश के हजारों स्टूडेंट के लिए नर्सिंग कोर्सेस का अध्ययन आसान हो जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि नए नियम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होंगे। इधर, बीएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा का जिम्मा इस बार भी मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल को सौंपा गया है।
नर्सिंग में प्रवेश प्रक्रिया को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नीट काउंसलिंग के पैटर्न पर तैयार किया है। इसके अंतर्गत अब प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, मेरिट सूची और सीट आवंटन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। तीन चरणों के अलावा चौथा राउंड भी रखा गया है, ताकि ज्यादा सीटें भर सकें।
स्टूडेंट के प्रवेश के लिए सभी नर्सिंग कॉलेजों को काउंसलिंग कैलेंडर जारी करना अनिवार्य होगा। इसमें रजिस्ट्रेशन, मेरिट सूची और प्रवेश की तारीखें सार्वजनिक करनी होंगी। यदि सभी चरणों के बाद सीटें खाली रहती हैं तो कॉलेज विभाग की अनुमति से कॉलेज स्तर पर प्रवेश दे सकेंगे। हालांकि मेरिट और आरक्षण रोस्टर का पालन अनिवार्य रहेगा।