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पीएम मोदी की अपील का बंटाधार, सिर्फ भोपाल के ट्रैफिक सिग्नल पर रोज जल रहा 2 लाख लीटर पेट्रोल-डीजल!

Bhopal News : पीएम मोदी की अपील पर ईंधन बचाने का प्रयास शुरू, पर अभी और जागरूकता की जरूरत है। 60 सेकंड वेटिंग में 1 बाइक से 10 मिली पेट्रोल, कार से 20 मिली डीजल जल रहा। शहर में रजिस्टर्ड 5 लाख कारें, 10 लाख बाइक-मोपेड, 5 लाख एंबुलेंस-डंपर, अन्य हैं।

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Bhopal News

भोपाल के ट्रैफिक सिग्नल पर रोज जल रहा 2 लाख लीटर पेट्रोल-डीजल! (Photo Source- Patrika)

Bhopal News : अमरीका और ईरान के बीच युद्ध से गहराते वैश्विक संकट देख प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की है। ऐसे में आम लोगों ने अपने स्तर पर प्रयास भी करना शुरू कर दिए हैं। लेकिन, कुछ स्थानों पर जागरुकता की कमी रोजाना का लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल व्यर्थ जलने का कारण बन रहा है। जैसे ट्रैफिक सिग्नल… ग्रीन लाइट होने तक इंतजार में खड़े वाहन चंद सैकंड में जितना ईंधन फूंक रहे हैं, उसके आंकड़े आपको हैरत में डाल देंगे। अगर बात मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की ही करें तो यहां दौड़ने वाली 10 लाख बाइक, 5 लाख कारें और 5 लाख अन्य गाड़ियां ट्रैफिक के बिगड़े सिस्टम से सिग्नल पर ही हर रोज 2 लाख लीटर पेट्रोल-डीजल जला रही हैं।

यानी भोपाल में ग्रीन सिग्नल के इंतजार में खड़े होने पर ही शहरवासियों द्वारा हर रोज 2.10 करोड़ रुपए का ईंधन बर्बाद हो जाता है और पता भी नहीं चलता। शहर के 32 चौराहों पर लगे सिग्नल पर 60 से 90 सेकंड का वेटिंग टाइम है। 60 सेकंड के 10 सिग्नल पर 10 लाख बाइक और 5 लाख कारों के खड़ी होने से ही 1 लाख लीटर पेट्रोल, 1 लाख लीटर डीजल बर्बाद हो रहा है। विशेषज्ञ राजेंद्र कोठारी कहते हैं कि, सिग्नल का समय घटे और शेष समय में लोग इनपर खड़ी गाड़ियां बंद करें तो ईंधन बचेगा। कार पुलिंग अच्छा समाधान है।

स्टार्ट करने में कम खर्च, सिग्नल पर गाड़ी बंद करें

शहर में 100-200 सीसी की 10 लाख बाइक-मोपेड रजिस्टर्ड हैं। 1200 - 1400 सीसी की 5 लाख कारें और एसयूवी रजिस्टर्ड हैं। ये गाड़ियां 10 सिग्नल पर भी खड़ी हों और इंजन ऑन रहे तो ईंधन की बड़ी बर्बादी होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि, लोगों में भ्रांति है कि, बाइक/कार दोबारा स्टार्ट करने पर ज्यादा ईंधन खर्च होता है। लेकिन ऐसा नहीं है। एक बाइक को स्टार्ट करने में 0.5 से 2 मि.ली पेट्रोल जलता है। कार स्टार्ट करने में 2 से 5 मिली डीजल जलता है। 60 से 90 सेकंड के सिग्नल पर गाड़ी बंद करना अच्छा है।

17 लाख लीटर पेट्रोल-डीजल की बिक्री रोज

राजधानी भोपाल में भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 151 पेट्रोल पंप हैं। आरटीओ भोपाल के आंकड़े बताते हैं कि शहर में 20 लाख दो-पहिया और चार पहिया वाहन रजिस्टर्ड हैं। यहां रोज 9 लाख लीटर पेट्रोल और 8 लाख लीटर डीजल की खपत है।

ऐसे समझें गणित

-एक बाइक 60 सेकंड सिग्नल पर खड़ी रहे तो 10 से 17 मि.ली पेट्रोल जलेगा। 10 सिग्नल पर 100 मिली तक खर्च। 10 लाख बाइक रोज 60 सेकंड के 10 सिग्नल पार करें तो 1 लाख लीटर तक पेट्रोल जलेगा। यानी, प्रति लीटर 109.85 रुपए की दर से 1.10 करोड़ रुपए बर्बाद। 90 सेकंड के सिग्नल पर बर्बादी 1.50 लाख लीटर तक।

-डीजल कार और एसयूवी स्टार्ट रहने पर ही 0.8 से 1.50 लीटर प्रति घंटे डीजल जलाती है। 60 सेकंड के सिग्नल पर 13 से 20 मिली तक डीजल जलता है। 10 सिग्नल पर 60 सेकंड खड़ी होने पर 200 मिली खपत। 5 लाख कारों के 60 सेकंड तक सिग्नल पर खड़ी होने से 1 लाख लीटर डीजल बर्बाद। यानी, 100 रुपए प्रति लीटर की दर से 1 करोड़ रोज बर्बाद हो रहे हैं। अगर कारें 90 सेकंड के 10 सिग्नल पार कीं तो 1.90 लाख लीटर तक डीजल की बर्बादी होगी।