
मध्यप्रदेश में बड़ी कार्रवाई की गई है। प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानि ईओडब्ल्यू ने एफआईआर FIR दर्ज की है। कटारे के साथ ही उनके भाई योगेश कटारे भी इस केस में फंसे हैं। ईओडब्ल्यू ने भोपाल विकास प्राधिकरण के कुछ अफसरों पर भी केस दर्ज किया है। जिस मामले में हेमंत कटारे पर एफआईआर दर्ज की गई है वह दो दशक पुराना बताया जा रहा है। कटारे ने केस को झूठा बताते हुए इसे विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने की कोशिश करार दिया है। कुछ दिनों पूर्व बीजेपी नेता पूर्व मंत्री भूपेंद्रसिंह ने हेमंत कटारे और उनके भाई की शिकायत करते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की थी।
एमपी के उपनेता प्रतिपक्ष कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे पर आइएसबीटी ISBT के जमीन आवंटन, गलत तरीके से डायवर्जन कराने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने हेमंत कटारे के भाई योगेश कटारे और भोपाल विकास प्राधिकरण BDA के अधिकारियों पर भी मामला दर्ज किया है।
हेमंत कटारे के खिलाफ जमीन आवंटन से संबंधित शिकायत सीआर दत्ता ने की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार बीडीए अधिकारियों ने बिना टेंडर गलत तरीके से कटारे की कंपनी को प्लॉट आवंटित कर दिया। जमीन के व्यवसायिक इस्तेमाल की भी मंजूरी दे दी। शिकायत की जांच के बाद EOW ने केस दर्ज किया।
उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे इस मामले को राजनैतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ दर्ज केस सरासर झूठा है। जिस मामले में FIR दर्ज की गई वो 2004 का है जब वे स्टूडेंट थे। 70 साल की विधवा मां पर भी मामला दर्ज कर दिया।
कटारे का कहना है कि ईओडब्लू EOW ने सरकार के दबाव में यह काम किया है। प्रदेश में विपक्ष के नेताओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। मैंने सरकार के भ्रष्टाचार के मामले उठाए इसलिए 21 साल पुराने केस ढूंढकर FIR दर्ज की गई। लेकिन मैं डरूंगा नहीं।
बता दें कि हाल ही में हेमंत कटारे ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसपर भूपेंद्रसिंह ने पलटवार करते हुए हेमंत कटारे और उनके भाई पर संगीन इल्जाम लगाते हुए पुलिस और सरकार से जांच की मांग की थी।