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‘नेशनल हाइवे-12’ का होगा चौड़ीकरण, एमपी में 40 हजार लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

National Highway-12: इस पैच के सुधर जाने से भोपाल से जबलपुर और नर्मदापुरम बैतूल की ओर जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा।
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Bhopal-Gauharganj Highway: नेशनल हाइवे-12 होगा चौड़ा (Photo Source - Patrika)

Bhopal-Gauharganj Highway: नेशनल हाइवे-12 होगा चौड़ा (Photo Source - Patrika)

Bhopal-Gauharganj Highway: मध्यप्रदेश में भोपाल से गौहरगंज और औबेदुल्लागंज की ओर राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को चौड़ा और मजबूत किया जाएगा। एमपीआरडीसी ने इसके लिए काम शुरू किया है। नेशनल हाइवे के इस भाग में 12 किमी लंबाई है, जिसके लिए 13.50 करोड़ रुपए का बजट तय किया है। इससे इसके सुधार और चौड़ीकरण को लेकर काम होगा। ये काम बारिश में ही शुरू होगा और बारिश के दौरान ही सीसी वर्क होगा।

40 हजार लोगों को होगा फायदा

अभी इस रास्ते पर 40 हजार लोगों की रोजाना आवाजाही है। किनारों को रोड का हिस्सा बनाकर चौड़ीकरण होगा, नए ऐ में मीमी होने से इसकी मजबूती बढ़ेगी। बारिश में काम जारी रखने की शर्त पर एजेंसी को काम दिया जाएगा।

यात्रियों को क्या होगा फायदा ?

इस पैच के सुधर जाने से भोपाल से जबलपुर और नर्मदापुरम, बैतूल की ओर जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा। गड्‌ढा मुक्त और चौड़ी सड़कें मिलने से वाहनों के रखरखाव का खर्च घटेगा और सफर के समय में भी कमी आएगी। भरत यादव, एमडी, एमपीआरडीसी का कहना है कि बारिश में ही भोपाल से लगे एनएच के इस हिस्से पर काम शुरू कर करेंगे। शहर की बड़ी कनेक्टिंग रोड है, काफी लोगों को लाभ होगा।

इसलिए भोपाल के लिए महत्वपूर्ण

40 हजार से 60 हजार लोगों की भोपाल से इस रास्ते से आवाजाही 15 हजार से 25 हजार के बीच छोटे बड़े वाहनों की आवाजाही भोपाल को होशंगाबाद इटारसी से जुड़ने वाला से वाला गोहरगंज के पास 15 से अधिक क्षेत्रों से अपडाउनर्स की आवाजाही मंडीदीप कमर्शियल हब होने से कमर्शियल ट्रैफिक, भारी वाहनों का मूवमेंट है।

मेट्रोपोलिटन रीजन का नोटिफिकेशन जारी

जानकारी के लिए बता दें कि मध्यप्रदेश के उज्जैन-इंदौर और भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। इन रीजन की सीमाएं तय कर दी हैं, अब दोनों क्षेत्रों के लिए अलग-अलग मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी का गठन होगा। साथ ही दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए प्लान बनाने की A प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का फोकस भोपाल को मप्र का स्टेट कैपिटल रीजन और उज्जैन-इंदौर को सेंट्रल इंडिया का आर्थिक इंजन बनाने पर है।

उसी अनुसार दोनों क्षेत्रों के कुल 28 हजार वर्ग किमी क्षेत्र के विकास की योजना तैयार की जाएगी। क्योंकि दोनों रीजन आष्टा और सोनकच्छ में एक-दूसरे से मिल भी रहे हैं। इस संबंध में जल्द उच्चस्तरीय बैठक होगी। अधिकारियों के अनुसार मेट्रोपॉलिटन रीजन का उद्देश्य केवल शहरों का विस्तार नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को एकीकृत आर्थिक और शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।