किसानों को ऑनलाइन ही मिलेगी मिट्टी के गुण-दोष और उसके उपचार की तरकीब
भोपाल. मध्य प्रदेश के किसानों को उनके खेतों के मिट्टी की सेहत कितनी खराब और अच्छी हैं, इसकी जानकारी अब उन्हें ऑनलाइन मिलेगी। प्रदेश के एक-एक खेत और गांव के मिट्टी का स्वास्थ्य चार्ट तैयार किया गया है। इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, सल्फर और जिंक सहित अन्य पोषक तत्वों की मात्रा का उल्लेख रहेगा। इससे किसान मिट्टी के गुण और दोष के आधार पर उसे उपचारित करा सकेंगे।
खेतों के हेल्थ कार्ड बनाने का काम कृषि विभाग के जरिए किया गया है। वहीं खेत और मिट्टी, गांव, खसरा नम्बर से उसकी मैपिंग मैप आइटी से किया गया है। अगले हफ्ते से इसे कृषि विभाग के पोर्टल और वेब साइट पर अपलोड किया जाएगा। सिस्टम की टेस्टिंग की जा रही है। करीब 23 हजार से अधिक वन और राजस्व गांवों के मिट्टी स्वास्थ्य की सूची जिलाबार किसानों को इस पोर्टल पर उपलब्ध होगी।
ऐसे देख सकेंगे किसान
किसानों को कृषि विभाग की वेबसाइट अथवा पोर्टल पर जाकर जिले और ब्लॉक को चुनना होगा। अपने गांव के नाम पर क्लिक करने पर खसरा नंबर पर जाना होगा, जहां मिट्ठी के संबंध में जानकारी मिल सकेगी। जिन किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड दिया गया है, उससे भी इस सूची से मिलान कर सकेंगे। दोनों में अगर किसी तरह की भिन्नता होती है तो किसान को वेबसाइट पर अपलोड जानकारी को सही मानना होगा।
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है किसानों को इस वेबसाइट पर जमीन को उपचारित करने के टिप्स मिलेंगे। इसमें बताया जाएगा किस तरह की जमीन में कौन की खाद का उपयोग करें |