
भोपाल. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) द्वारा हजारों विद्यार्थियों से खिलवाड़ किया जा रहा है। अधिकारियों की अदूरदर्शिता के कारण परीक्षा की पद्धति को लेकर प्रदेशभर के विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति में हैं। अब हालात यह बन गए हैं कि स्टूडेंट परीक्षाओं को लेकर प्रदर्शन तक करने लगे हैं. इस बीच बुधवार को आरजीपीवी को 2 दिसंबर से होने वाली प्रायोगिक परीक्षा स्थगित करनी पड़ी हैं।
ऑफलाइन परीक्षा के विरोध के बाद आरजीपीवी प्रबंधन ने परीक्षा स्थगित का निर्णय लिया -ऑफलाइन परीक्षा कराने के लिए विश्वविद्यालय ने अपने स्तर पर निर्णय ले लिया जबकि विद्यार्थी ऑनलाइन परीक्षा चाहते थे। ऑफलाइन परीक्षा के विरोध के बाद आरजीपीवी प्रबंधन ने परीक्षा स्थगित कर गेंद राज्य सरकार के पाले में डाल दी है। विद्यार्थी सवाल खड़ा कर हैं कि यदि अब परीक्षा के संबंध में राज्य शासन से मार्गदर्शन मांगा जा राह है, तो पहले किसके निर्देश पर ऑफलाइन परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया।
कोविड-19 के संदर्भ में जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देशों की प्रत्याशा में घोषित प्रायोगिक परीक्षा की समय-सारणी में आंशिक संसोधन किया- परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रशांत जैन ने बुधवार को एक सूचना जारी की। इसके अनुसार राज्य शासन के कोविड-19 के संदर्भ में जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देशों की प्रत्याशा में विश्वविद्यालय द्वारा घोषित प्रायोगिक परीक्षा की समय-सारणी में आंशिक संसोधन किया है। अब सभी पाठ्यक्रमों की प्रायोगिक परीक्षाएं संबंधित पाठ्यक्रम की सैद्धांतिक परीक्षा के बाद आयोजित की जाएगी।
सैद्धांतिक परीक्षा का टाइम टेबल अभी बरकरार है- इसके लिए समय-सारणी अलग से घोषित होगी। लेकिन सैद्धांतिक परीक्षा का टाइम टेबल अभी बरकरार है। आरजीपीवी मैनेजमेंट ने प्रायोगिक परीक्षाएं स्थगित करते हुए सैद्धांतिक परीक्षा का मामला पूरी तरह राज्य शासन के पाले में डाल दिया है. स्टूडेंट कहते हैं कि टाइम टेबल जारी करने से पहले ही राज्य शासन से मार्गदर्शन मांग लिया होता या उनके निर्देश का इंतजार किया होता तो यह स्थिति निर्मित नहीं होती।