- पत्थर पर बिखेर रहे प्रकृति के रंग - पहले पौधे को जड़ जमाने में लगे डेढ़ साल - चार लाख पेड़ों से मुस्कुराई वीरान पहाड़ियां
भोपाल. भोजपुर मार्ग पर कभी निर्जन और वीरान रहीं तीन पहाड़ियां अब करीब चार लाख पेड़-पौधों को गोद में समेटे मुस्कुरा रही हैं। चट्टानों के ऊपर प्रकृति के रंग भरने का काम निखिल धाम आश्रम के संत अरविंद सिंह की जिद से साकार हो रहा है। वे एक दशक से 500 एकड़ क्षेत्र में पौधरोपण करा चुके हैं। चार लाख पौधों में से करीब दो लाख पेड़ बन चुके हैं। बन अफसरों का कहना है कि इस पुण्य कार्य का मूल्यांकन कराने की तैयारी है।
जड़ जमाने में डेढ़ साल लगे
संत अरविंद के शिष्य संजय बताते हैं कि लगभग 20 साल पहले यहां आश्रम बना तो हमने परिसर में पौधे लगाने शुरू किए। महाराज कुछ ही वर्षों में आश्रम पेड-पौधों से भर गया। 2009 में आश्रम से निकलते समय महाराज ने चट्टानी इलाके में बरगद का पौधा लगाया| लेकिन वह सूख गया। वे लगातर पौधे रोपते गए, लेकिन हमारी तमाम देखभाल के बावजूद पत्थरों के बीच पौधे नहीं लग पा रहे थे। पहले पौधे को जड़ जमाने में डेढ़ साल लगे। फिर महाराज ने यहां पौधरोपण की जिद ठान ली।
भोजपुर के नजदीक वीरान
डीएफओ औबेदुल्लागंज विजय सिंह ने बताया कि पहाड़ियों पर निखिल धाम की ओर से लाखों पौधे रोपे गए हैं यह अनूठा और कठिन काम है। पौधरोपण 250 एकड़ से बड़े इलाके में है। इस पौधारोपण की सुरक्षा में कीरतपुर वन समिति मदद करती है।