Exploring the Heart of India: भारत का दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश की खूबसूरती किसी से छिपी नहीं है। यहां ऐतिहासिक इमारतों के साथ ही कई पर्यटन स्थल हैं, जो देश-विदेशी के पर्यटकों को अपनी ओर बुलाते हैं। यदि आप भी मध्यप्रदेश में हैं तो प्रदेश के इन 9 डेस्टिनेशन पर जरूर जाना चाहिए...। यहां आपको ऐतिहासिक कहानियां, विश्व प्रसिद्ध धरोहर, संस्कृति के साथ ही अनेक चीजें देखने को मिलेंगी। इन स्थानों पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। Patrika.com पर जानिए मध्यप्रदेश के 9 डेस्टिनेशन के बारे में...।

पातालकोट
छिंदवाड़ा जिले के तामिया में स्थित यह इलाका पातालकोट कहलाता है। यहां पाताल से जुड़ी कई कहानियां प्रचलित हैं। इसी पातालकोट में आज भी कई जनजातियां निवास करती हैं जो शहरों तक नहीं पहुंच पाई हैं। हालांकि आज सरकार उन तक जरूर पहुंच गई है और रास्ता तक बन गया है। पातालकोट क्षेत्र इतिहास और भारतीय संस्कृति की खोज के लिए एक शानदार स्थान है। पर्यटक यहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकते हैं।
खजुराहो
दुनियाभर में प्रसिद्ध यहां के मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से काफी अहम है। साथ ही यहां के प्राचीन मंदिरों के बाहर प्रेम दर्शाती मूर्तियां हैं। इसी से माना गया है कि भारत दुनिया में कितना आगे रहा है। यहां कामुक मूर्तियों से भरे 20 से अधिक मंदिर हैं। लेकिन, इससे भी अधिक वे प्रेम और जीवन को दर्शाते हैं।
अमरकंटक
विंध्य और सतपुड़ा वन क्षेत्र के संगम पर स्थित यह वन प्राकृतिक और सांस्कृतिक सौंदर्य से भरपूर है। अमरकंटक न केवल एक तीर्थ स्थान है बल्कि एक लोकप्रिय हिल स्टेशन भी है। अमरकंटक के नाम को लेकर कई धार्मिक ग्रंथों में यह प्रमाण मिलते हैं कि पूर्व में इसका नाम आम्रकूट था। यहां आप नर्मदा नदी का उद्गम स्थल देख सकते हैं। कलचुरी का प्राचीन कालीन मंदिर देख सकते हैं। इसके अलावा, कर्ण मंदिर, पातालेश्वर मंदिर, सोनमुडा अमरकंटक, दूधधारा प्रपात अमरकंटक, कपिल धारा प्रपात अमरकंटक इत्यादि जगहों पर पर्यटक घूम सकते हैं।
उज्जैन
क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित उज्जैन देश का एक धार्मिक शहर है। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल मंदिर भी यहां है। मंदिर क्षेत्र में बना महाकाल लोक कॅारिडोर ने इसे और भी खास बनाता है। यह रुद्रसागर झील से घिरा हुआ है, जो 900 मीटर से अधिक गहरी है। महाकाल लोक में आप 108 स्तंभ लगभग 200 मूर्तियाँ और शिव की कहानी को दर्शाने वाली मूर्तियां और कई पेंटिंग हैं। पास ही गोपाल मंदिर भी है जो द्वारकाधीश मंदिर के रूप में जाना जाता है। उज्जैन में सांदीपनि आश्रम भी है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने उनके मित्र सुदामा और भाई बलराम के साथ शिक्षा ग्रहण की थी।
पन्ना
हीरे की खदानों के लिए प्रसिद्ध है पन्ना। साथ ही राष्ट्रीय उद्यान के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां आने वाले लोग बाघों को देखने के लिए जरूर आते हैं। पांडव गुफा एवं झरना पन्ना शहर में स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी हैं। यहां आपको एक खूबसूरत झरना देखने को मिलता है। पन्ना में पुरातत्व संग्रहालय है। जहां बेशकीमती मूर्तियां बताती हैं कि प्राचीन समय में भारत कितना समृद्ध रहा है।
चंदेरी
चंदेरी का नाम सामने आते ही चंदेरी साड़ियों का ध्यान आ जाता है। पर्यटकों के लिए चंदेरी सिल्क साड़ियों को बनते देखना भी अनोखा लगता है। वहीं कई किले और महलों हैं जिसका ऐतिहासिक महत्व है। बादल महल, रामनगर महल और कटी घाटी आदि स्थल पर पर्यटक जरूर जाते हैं। इसके अलावा चंदेरी शहर को हाल ही में आई फिल्म स्त्री ने भी फेमस कर दिया है। यहीं पर एक सच्ची घटना पर आधारित फिल्म की शूटिंग भी हुई थी।
ग्वालियर
किले और महलों के इस शहर में काफी पर्यटक आते हैं। यहां एक विशाल पहाड़ी पर स्थित किला कई किलोमीटर दूर से समृद्धि की गाथा कहता है। इसी शहर में सास बहु मंदिर भी है। इस शहर पर मुगल काल से लेकर रानी लक्ष्मीबाई के शासनकाल तक की चीजों को देखना अपने आप में अद्भुत है। वहीं सिंधिया राजघराने का वैभव भी यहां देखने को मिलता है। यहां आने वाले पर्यटक जय विलास पैलेस देखने जरूर जाते हैं।
लेकसिटी भोपाल
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल, जिसे मध्यप्रदेश का दिल कहते हैं। इस शहर को लेकसिटी भी कहा जाता है। यानी झीलों की नगरी। यहां शहर के साथ ही आसपास के इलाकों में कई पर्यटन स्थल हैं। यहां यहां ताजुल मसाजिद, मोती मस्जिद, इकबाल मैदान, मोती मस्जिद, गौहरमहल, अहमदाबाद पैलेस, ताजमहल, इस्लाम नगर, रानीकमलापति महल के अलावा गुफा मंदिर, गौहर महल, भारत भवन, वन विहार, मानव संग्रहालय, बड़ा तालाब आदि देखने के प्रमुख स्थान है।
कान्हा नेशनल पार्क
मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है, कान्हा नेशनल पार्क। यह इलाका बाघों का घर है। ये पार्क दो जिलों- मंडला और बालाघाट में फैला है और सतपुड़ा की पहाड़ियों में स्थित है। यह हरे-भरे साल और बांस के जंगल, झीलों-झरनों और खुले घास के मैदानों से समृद्ध है। बाघों के अलावा पार्क परसिंगा (दलदल हिरण) और जानवरों और पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों का घर है। यहां स्थित श्रवण ताल जो कान्हा टाइगर रिजर्व में स्थित एक छोटा तालाब है, वह स्थान माना जाता है जहां श्रवण कुमार अपने नेत्रहीन माता-पिता को ले गए थे। इसी जंगल में बड़ी मात्रा में ऐसे पेड़ हैं, जिसमें से सिंदूर निकाला जाता है।