मध्यप्रदेश और राजस्थान के अफीम उत्पादक जिलों में अब उन किसानों को भी अफीम की खेती करने का लाइसेंस मिल सकेगा।
भोपाल। मध्यप्रदेश और राजस्थान के अफीम उत्पादक जिलों में अब उन किसानों को भी अफीम की खेती करने का लाइसेंस मिल सकेगा जिनके लाइसेंस कभी एनडीपीएस एक्ट में रद्द हो गए थे। इन किसानों को को बाद में कोर्ट ने तो एनडीपीएस एक्ट से दोषमुक्त कर दिया लेकिन उनको दोबारा अफीम की खेती का पट्टा नहीं मिल पाया।
मंगलवार को इस मामल में मंदसौर के सांसद सुधीर गुप्ता और चित्तोडग़ढ़ के सांसद सीपी जोशी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की। इसके बाद केंद्र सरकार ने इस मामले में सोमवार को ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया।
1984 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुजरिम बनाने के साथ ही उनका अफीम की खेती करने के लाइसेंस को निरस्त कर देने का भी प्रावधान किया गया था। किसानों की लंबे समय से मांग थी कि अगर न्यायालय ने उन्हें दोषी नहीं मानते हुए बरी कर दिया है तो फिर उन्हें अफीम की खेती करने का लाइसेंस क्यों नहीं मिल सकता। केंद्र सरकार ने पिछले साल एनडीपीएस नीति में तो बदलाव कर दिया था लेकिन इसका नोटिफिकेशन नहीं जारी हो पाया था। अब 1999 से 2017 के बीच जो किसान एनडीपीएस मामले में दोषमुक्त हुए हैं उन्हें अफीम का पट्टा मिल सकेगा।
मंदसौर-नीमच के किसानों की यह लंबे समय से मांग थी। मंगलवार को हमनें केंद्रीय वित्तमंत्री से चर्चा की, उसके बाद सरकार ने इस संबध में आदेश जारी कर दिए हैं।
सुधीर गुप्ता, सांसद मंदसौर