Navratri 2024: दक्षिण भारत के राज्यों में हुई तेज बारिश के असर से मेवों की फसल को प्रभावित किया है, नतीजतन गत वर्ष की तुलना में कुछ सूखे मेवों के भाव में 10 से 15 फीसदी तक की तेजी आ गई है, वहीं मांग और आपूर्ति के अंतर के कारण महंगी हो गई पूजा औऱ व्रत की थाली
Navratri 2024: नवरात्रि पर्व 3 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। पर्व को भक्तिभाव से मनाने के लिए उपभोक्ता वर्ग ने फलाहारी सहित पूजन सामग्री खरीदने के लिए बाजारों का रूख किया हुआ है। सबसे ज्यादा फलाहारी वस्तुओं में मांग देखी जा रही है।
हालांकि दक्षिण भारत के राज्यों में हुई तेज बारिश के असर से मेवों की फसल को प्रभावित किया है, नतीजतन गत वर्ष की तुलना में कुछ सूखे मेवों के भाव में 10 से 15 फीसदी तक की तेजी आ गई है। त्योहार के लिए नारियल, शक्कर, काजू, खाद्य तेल, इलायची सहित अन्य वस्तुओं के दामों में तेजी का वातावरण बन गया है। हालांकि फलीदाना के भाव गत वर्ष से कम है।
कारोबारियों का कहना है कि किराना बाजार में इस समय फलाहारी सामान की मांग तेज बनी हुई है। नवरात्र पर पूजन सामग्री के साथ ही साबूदाना, मूंगफली दाना, सेंधा नमक, सिंगाड़ा आटा, तेल, घी, राजगीरा, शक्कर जैसे सामान की मांग ज्यादा बनी हुई है। खाद्य तेलों में रेकॉर्ड तेजी है। इसी प्रकार नारियल गत वर्ष 14/15 रुपए में थोक मंडी में बिक रहा था, इस बार इसके भाव 22 से 25 रुपए तक बोले जा रहे हैं।
थोक किराना कारोबारी अपूर्व पवैया का कहना है कि दक्षिण भारत से सूखे मेवों की आवक ज्यादा होती है। कई राज्यों में भारी बारिश से मेवों की आवक और क्वालिटी पर असर डाला है। तेल-शक्कर ब्रोकर रमाकांत तिवारी कहते हैं कि किराना में कुछ वस्तुओं के दाम काफी ऊपर चले गए है। इसका कारण मांग और आपूर्ति में अंतर है। जिससे उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं के बजट में भी अंतर आएगा।