
lokayukta arrests 229 bribery accused officers and employees in Year 2025 (FILE PHOTO)
mp news: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरों पर शिकंजा कसने के लिए लोकायुक्त लगातार कार्रवाई कर रहा है। हर दूसरे दिन लोकायुक्त कहीं न कहीं प्रदेश में रिश्वत लेते हुए कर्मचारी या अधिकारी को पकड़ती है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं और रिश्वतखोरी जारी है। लोकायुक्त पुलिस ने वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जो एक्शन लिए उसके आंकड़े सामने आ चुके हैं जो वाकई हैरान कर देने वाले हैं।
लोकायुक्त पुलिस ने वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 229 अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। इस हिसाब से औसतन हर महीने 19 रिश्वतखोर लोकायुक्त ने पकड़े हैं जिनमें कर्मचारी और अफसर दोनों शामिल हैं। रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर जो एक्शन हुए उनमें सबसे अधिक मामले राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े रहे। लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जा रही।
लोकायुक्त के आंकड़ों के अनुसार पिछले चार वर्षों में ट्रैप मामलों की संख्या में उतार-चढ़ाव के साथ बढ़ोतरी देखी गई है। साल 2022 में 297, साल 2023 में 180, साल 2024 में 197 और साल 2025 में 229 ट्रैप केस दर्ज किए। साल 2025 में जो केस दर्ज किए गए उनमें 300 से अधिक आरोपी शामिल रहे, क्योंकि कई प्रकरणों में एक से ज्यादा अधिकारी पकड़े गए। इन मामलों में कंप्यूटर ऑपरेटर, इंजीनियर, तहसीलदार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी तक शामिल हैं। शिक्षा, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी भी लोकायुक्त के जाल में फंसे। नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक भी रिश्वतखोरी के मामलों में पकड़े गए। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े सरपंच, पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों को प्रमाण पत्र जारी करने जैसे कार्यों के एवज में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। एसडीएम स्तर के अधिकारियों की भी गिरफ्तारी हुई है।
Published on:
07 Jan 2026 07:21 pm
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