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मोदी सरकार की बड़ी सौगात, सहकारी समितियां बनेंगी ‘स्टार्टअप’, मिलेंगे कई लाभ

Startups Incentives: केंद्र सरकार के नए फैसले से अब सहकारी समितियां भी स्टार्टअप के रूप में पंजीकृत हो सकेंगी। स्टार्टअप इंडिया के तहत केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले इंसेंटिव मददगार बनेंगे।

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भोपाल

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Akash Dewani

Feb 26, 2026

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cooperative societies recognized as startups (फोटो- Patrika.com)

MP News: अब स्टार्टअप केवल बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं रहेंगे बल्कि गांव-कस्बों में भी शुरू होंगे। क्योंकि सहकारी समितियां (Cooperative Societies) भी स्टार्टअप के रूप में मान्यता प्राप्त कर सकेंगी। इसमें बहुराज्यीय और राज्यों में पंजीकृत समितियां भी शामिल हैं। इससे गांव कस्बों में भी नवाचारों की शुरुआत होगी। ग्रामीण उद्योगों और समुदाय आधारित उद्यमों को भी आधुनिक तकनीक अपनाकर उत्पादन बढ़ाने और उसके निर्यात तक में मदद मिल सकेगी।

इंसेंटिव मिलेगा, टैक्स में दी जाएगी छूट

स्टार्टअप इंडिया के तहत केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले इंसेंटिव मददगार बनेंगे। साथ ही उन्हें तय अवधि तक टैक्स में छूट का भी लाभमिलेगा। केंद्र सरकार ने स्टार्टअप की परिभाषा में बदलाव कर सहकारी समितियों को भी इसमें शामिल किया है। इसके साथ स्टार्टअप के टर्नओवर की सीमा भी 100 से बढ़ाकर 200 करोड़ प्रति वर्ष की है। इससे 200 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनियां और सहकारी समितियों का भी स्टार्टअप के रूप में पंजीयन हो सकेगा।

प्रदेश में अभी 4536 पैक्स पंजीकृत

मप्र में अभी 4536 प्राथमिक कृषि साख समितियां (पैक्स) पंजीकृत हैं। सहकार से समृद्धि के तहत इन्हें बहुउद्देश्यीय बनाने का काम चल रहा है। इनमें से कई मैक्स अलग-अलग काम पेट्रोल पंप, एलपीजी एजेंसी, जन औषधि केन्द्र, जैविक खेती को बढ़ावा देने जैसे काम कर रही हैं। अब अच्छा काम करने वाली पैक्स का स्टार्टअप के रूप में भी पंजीयन हो सकेगा। इससे वे तेजी से आगे बढ़ सकेंगी।

मप्र स्टार्टअप नीति के तहत यह लाभ

  • मध्यप्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी-2025 के तहत प्रत्येक स्टार्टअप को अपने आइडिया को विकसित करने के लिए 12 महीने तक की अवधि के लिए 10 हजार रुपए प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जा रही है।
  • बड़े स्तर पर निवेश के लिए 100 करोड़ के स्टार्टअप कैपिटल फंड के अलावा प्रति स्टार्टअप अधिकतम 30 लाख तक का सीड अनुदान मिल सकता है।
  • स्टार्टअप को विद्युत शुल्क में छूट, रोजगार सृजन प्रोत्साहन और विद्युत टैरिफ में प्रतिपूर्ति सहायता की व्यवस्था है।
  • मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में 5 फीसद ब्याज अनुदान और ऋण गारंटी शुल्क की प्रति पूर्ति।
  • सरकार द्वारा बनाए गए 100 करोड़ के सीड फंड से भी मदद।
  • प्रदेश में कोऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल शुरू किया है। इसके तहत निजी कंपनियों के साथ एमओयू किए जा रहे हैं। यह कंपनियां पैक्स और अन्य सहकारी समितियों के साथ मिलकर काम करेंगी।

डीप टेक स्टार्टअप को विशेष लाभ

एआइ, रोबोटिक्स, बायोटेक जैसी डीप टेक में स्टार्टअप्स को ज्यादा लाभ देने के प्रावधान हैं, क्योंकि इन्हें विकसित होने एवं रिसर्च एंड डेवलपमेंट में समय और निवेश ज्यादा लगता है। डीप टेक स्टार्टअप की मान्यता की अवधि को बढ़ाकर 20 साल कर दिया गया है। टर्नओवर की सीमा को भी बढ़ाकर 300 करोड़ वार्षिक कर दिया गया है। इससे तकनीकी क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा मिलेगा।स (MP News)