भोपाल

Bhopal news: ‘भारत सरकार’ लिखी कार में घूमती थी तृप्ति, ससुर को हुआ शक, खोली फर्जी IAS की पोलपट्टी

Fake IAS officer Tripti Singh Rajput: नकली IAS तृप्ति सिंह ने लाल साड़ी, सरकारी कार और फर्जी दस्तावेजों से पहचान बनाई और 13 लोगों से डेढ़ करोड़ की ठगी की। ससुर ने RTI से सच जानकर पुलिस जांच में राज खोल दिया।
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Sep 13, 2026
फर्जी IAS तृप्ति सिंह (Photo Source - Patrika) कार की फोटो ( AI फोटो)
फर्जी IAS तृप्ति सिंह (Photo Source - Patrika) कार की फोटो ( AI फोटो)

Bhopal news: लाल साड़ी, सरकारी अफसर की तरह रौब, भारत सरकार लिखी कार और आइएएस ट्रेनिंग से जुड़े सहित एसडीएम गोविंदपुरा होने का दस्तावेज… नकली आइएएस तृप्ति सिंह ने पहचान को इस तरह तैयार किया था कि उसे देखकर हर कोई यकीन कर लेता था। यही नहीं परिवार से लेकर करीबी रिश्तेदार भी भरोसा करते रहे। बागसेवनिया पुलिस जांच में आया है कि अब तक 13 लोगों से डेढ़ करोड़ रुपए तक की ठगी की है। यही नहीं फर्जी अफसर का शक सबसे पहले ससुर को हुआ था। फिर उन्होंने आरटीआइ के जरिए जानकारी मांगी और इसके बाद उसके फर्जी अफसर होने का राज खुलता चला गया। वहीं जांच में ठगी करने की एक बाद एक पूरी परतें खुलने लगी।

आरटीआई से सामने आया सच

तृप्ति ने खुद को आइएएस अधिकारी बताकर शादी की थी। ससुर को शक हुआ तो उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी से आरटीआइ के जरिए जानकारी मांगी। जब वहां से जवाब आया तो आइएएस होने का दावा फर्जी निकला।

घर में मिला फर्जी अफसरनामा का सेटअप

तृप्ति के ठिकानों से सरकारी लेटरहेड, फर्जी आइडी, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज, प्रशिक्षु आइएएस लिखे स्मृति चिह्न और भारत सरकार लिखी कार जैसी सामग्री मिले है। ससुराल से मिली ट्रेनिंग किट और मसूरी प्रशिक्षण से जुड़ी तस्वीरों को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है।

शिक्षिका बताकर की थी शादी

तृप्ति की शादी एक बड़े बिल्डर के बेटे से हुई है। बताया जा रहा है कि बिल्डर परिवार को तृप्ति के बारे में यह जानकारी दी गई थी कि प्रशासनिक अकादमी में शिक्षिका है। बाद में उसकी असली पहचान और पृष्ठिभूमि सामने आने के बाद ससुराल पक्ष से विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि तृप्ति ने ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज कराने की धमकी दी और पति से अलग हो गई।

विधानसभा तक का फोटो और वीडियो मिला

तृप्ति कथित तौर पर आइएएस बनकर विधानसभा परिसर जाने का वीडियो सोशल मीडिया में पोस्ट किया था। थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि जांच में मोबाइल, डिजिटल उपकरण, बैंक खातों और दस्तावेज की जानकारी जुटाई गई है। डेढ़ करोड़ की ठगी का पूरा हिसाब और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका कड़ी जोडकर जांच की जा रही है।

Updated on:
13 Sept 2026 07:42 am
Published on:
13 Sept 2026 07:42 am