
फर्जी IAS तृप्ति सिंह (Photo Source - Patrika)
Bhopal news: नकली आइएएस तृप्ति सिंह की चार दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उसे फिर एमपी की अशोकनगर जिला जेल भेज दिया गया। बागसेवनिया पुलिस ने तृप्ति के साथियों को पीआर में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने कोर्ट में पेश कर उसके साथी प्रखर सिंह और ड्राइवर भूपेंद्र को चार दिन की रिमांड पर लिया है। दोनों को पूछताछ के लिए भोपाल लाया गया है। तृप्ति के साथियों से पूछताछ में ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। प्रखर सिंह को अशोकनगर पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया था। अब बागसेवनिया पुलिस उससे तृप्ति के साथ उसकी भूमिका और ठगी के मामलों से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।
तृप्ति को अशोकनगर पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रुपए लेने के दो मामलों में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह खुद को आइएएस अधिकारी बताकर लोगों को सरकारी नौकरी और दूसरे सरकारी काम दिलाने का झांसा देती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और उनकी क्या भूमिका थी। बागसेवनिया थाने में तृप्ति के खिलाफ एक केस सरकारी होटल को लीज पर दिलाने के नाम पर कथित 50 लाख रुपए की ठगी से जुड़ा है। इसी मामले में पुलिस ने तृप्ति और उसके भाई सुधांशु सिंह को चार दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। रिमांड खत्म होने के बाद तृप्ति को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जांच अब इस पर केंद्रित है कि तृप्ति और उसके साथी किस तरह लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। यह भी पता लगा जा रहा है कि ठगी के कितने पीड़ित हैं, फर्जी दस्तावेज और पहचान कैसे तैयार किए जाते थे और इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की क्या भूमिका है। पीआर पर प्रखर और भूपेंद्र से इस एंगल पर पूछताछ की जाएगी।
तृप्ति की शादी एक बड़े बिल्डर के बेटे से हुई है। बताया जा रहा है कि बिल्डर परिवार को तृप्ति के बारे में यह जानकारी दी गई थी कि प्रशासनिक अकादमी में शिक्षिका है। बाद में उसकी असली पहचान और पृष्ठिभूमि सामने आने के बाद ससुराल पक्ष से विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि तृप्ति ने ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज कराने की धमकी दी और पति से अलग हो गई।
Updated on:
08 Sept 2026 09:37 am
Published on:
08 Sept 2026 09:36 am
