अभिभावक संघ ने की मांग, अधिकारी बोले अभिभावकों को किताबें, डे्रस खरीदने से कैसे रोंके
भोपाल. प्रशासन की ओर से बनाई टीम एक अप्रैल से निजी स्कूलों की जांच का अभियान चलाने वाली है। टीम एक पखवाड़े तक जांच अभियान चलाएगी। लेकिन इसका ज्यादा फायदा होने की उम्मीद कम है क्योंकि निजी स्कूल से अभिभावकों पर लगभग पिछले दो सप्ताहों से तय दुकानों से डे्रस और किताबें खरीदने का दबाव बना रहे हैं, ऐसे में जांच शुरू होने तक ही 80 फीसदी से अधिक व्यापार हो चुका होगा। इसे देखते हुए अभिभावक संघ ने प्रशासन से मांग की है सबसे पहले निजी स्कूलों पर नकेल कसते हुए किताबें एवं स्कूल डे्रस खरीदने पर रोक लगाते हुए इस दबाव को खत्म करना चाहिए जिससे स्कूलों की सही तरीके से जांच की जा सके। वहीं अधिकारियों ने इस तरह का कदम उठा सकने में असमर्थता जताते हुए सबकुछ सोमवार से शुरू होने वाले निरीक्षण पर छोड़ दिया है।
जेडी के नेतृत्व में बनाई टीम, बाल आयोग भी निकलेगा
प्रशासन के निर्देश के बाद लोक शिक्षण संचालनालय के जेडी (संयुक्त संचालक) के निजी स्कूलों की जांच के लिए टीम का गठन कर लिया है। यह टीम एक अप्रैल से निजी स्कूलों पर शिंकजा कसना शुरू करेगी वहीं पिछले दिनों चार स्कूलों का निरीक्षण करने वाली बाल आयोग की टीम भी प्रति सप्ताह दो बार निरीक्षण पर निकलने की बात कह चुकी है।
2019- 20 का सत्र का बाजार की लूट लगभग पूरी हो चुकी है, दिसम्बर में यह कदम उठाना चाहिए, जबकि सरकार हर बार मार्च-अप्रैल में सरकार जागती है तब तक करोड़ों की लूट हो चुकी होती है। निजी स्कूल एक पखवाड़े से बच्चों एवं अभिभावकों पर जल्द से जल्द नए सत्र की सभी किताबें एवं डे्रस खरीद लेने का दबाव बना रहे हैं। कमेटी जांच करने के पहले ऐसे में अभिभावकों की मांग है कि प्रशासन को सबसे पहले किताबों और ड्रेस की खरीददारी पर रोक लगवानी चाहिए।
कमल विश्वकर्मा, अध्यक्ष, पालक महासंघ
विभाग का दल एक अप्रैल से स्कूलों का निरीक्षण करेगा, यह सही है कि विद्यार्थी कॉपी किताबें और डे्रस खरीदते जा रहे हैं, लेकिन इसे रोका कैसे जा सकता है, वैसे निरीक्षण में सभी बिंदुओं का ध्यान रखा जाएगा।
धमेन्द्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी