निगम के इंजीनियरों का दावा है कि संभवत: मई तक इनका काम पूरा कर दिया जाएगा
भोपाल. नए शहर में 20 करोड़ रुपए की लागत से पांच नालों को सीमेंटेड करने का काम 80 फीसदी पूरा करने का दावा किया जा रहा है। इससे करीब एक लाख लोगों के घर व आसपास के क्षेत्र में जलभराव व जलबहाव की स्थिति से राहत मिल सकेगी। एमपी नगर से लेकर हबीबगंज, पंचशील और इससे लगे क्षेत्रों में पांच नालों की रिटेनिंग वॉल और सीमेंटेड बेस बनाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि इससे इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव से राहत मिल सकेगी। निगम के इंजीनियरों का दावा है कि संभवत: मई तक इनका काम पूरा कर दिया जाएगा।
पिछले साल बारिश में में पंचशील नाले में हुए जलभराव के दौरान एक बच्चे के डूबने की घटना के बाद निगम प्रशासन ने ये निर्णय लिया था। अगस्त 2018 में ही काम शुरू किया गया और अब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। काम पूरा करने के लिए एक साल की समय सीमा थी। एमपी नगर, अरेरा कॉलोनी ई- 3 के पास का क्षेत्र, स्लम एरिया, हबीबगंज व दुर्गानगर का क्षेत्र, पंचशील से लेकर एकांत पार्क और इसके आसपास के क्षेत्र के लोगों को इसका पूरालाभ मिलेगा।
ये हो तो मिले लाभ
केंद्र से मिले फंड का उपयोग इन नालों को पक्का करने में किया जा रहा है। अभी कोलार, चुनाभट्टी से लेकर करोंद, भानपुर, छोला व पुराने शहर में नालों को पक्का करने की जरूरत है। यहां के लिए भी प्रोजेक्ट बने तो पूरी राहत मिल जाए।
निर्माण में सामने आ रही एक दिक्कत
इन नालों के निर्माण में नालों का तला भी सीमेंट कांक्रीट से पक्का कर दिया गया है। एक्सपट्र्स का कहना है कि नालों की दीवारें तो रिटेनिंग वॉल की तरह बनाना चाहिए, लेकिन तला पक्का नहीं करना था। इससे पानी जमीन में नहीं उतरेगा और नालों के माध्यम से जमीन में उतरने वाला पानी पूरी तरह बंद हो जाएगा। ये मामला शहरी विकास पर हुए एक कार्यक्रम में भी सामने आई थी। पूर्व सीएस निर्मला बुच ने इस पर चिंता जताई थी।
ये हैं स्थिति
- 778 नाले हैं शहर में
- 21 जोन बना रखे हैं जल निकासी के लिए शहर में
- 50 फीसदी नाले कच्चे हैं
- 03 लाख से अधिक आबादी नाले के किनारे रहती है
नालों का काम शुरू कराया था अब जल्द ही पूरा होने वाला है। सबसे तेज गति से काम करा रहे हैं और लोगों को अगली बारिश में इससे राहत महसूस होगी।
- आलोक शर्मा, महापौर