परिवार नियोजन की खराब प्रगति के लिए जिम्मेदार एमपीडब्लू, एएनएम और सुपरवाइजरों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में हनुमना और मऊगंज के पांच एमपीडब्लू को निलम्बित कर दिया गया है। जबकि एएनएम, सुपरवाइजरों को मिलाकर कुल
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया गया है।
कइयों की तीन वेतनवृद्धि भी रोक दी गई हैं। लगातार हो रही कार्रवाईयों से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर जैसानी शनिवार को मऊगंज सीएचसी और हनुमना सीएचसी के दौरे पर रहे। यहां पर परिवार नियोजन सहित अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। परिवार नियोजन में मऊगंज अन्तर्गत
नसबंदी ऑपरेंशन कराए गए। जिसे लेकर सीएमएचओ ने कड़ी नाराजगी जताई।
एमपीडब्ल्यू और एएनएम की सूची तैयार
समीक्षा के दौरान आठ महीने में तीन से कम नसबंदी ऑपरेशन नहीं कराने वाले एमपीडब्लू और एएनएम की फौरन सूची तैयार की गई है। जिनके खिलाफ तत्काल सीएमएचओ ने कार्रवाई कर दी। मऊगंज सीएचसी अन्तर्गत एमपीडब्लू राम इच्छा त्रिपाठी और धर्म प्रकाश श्रीवास्तव को निलम्बित किया गया है जबकि एएनएम और सुपरवाइजर मिलाकर कुल
के खिलाफ तीन वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई है। हनुमना सीएचसी अन्तर्गत एमपीडब्लू पवन द्विवेदी, अरुण कुमार मधुकर और मुनेन्द्र द्विवेदी को निलम्बित किया गया है। जबकि एएनएम और सुपरवाइजर सहित कुल
को शोकॉज नोटिस दिया गया है। इसके साथ ही बीएमओ सहित अन्य चिकित्साधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने पर हिदायत दी गई है। समीक्षा बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. प्रदीप डहेरिया और जिला मीडिया अधिकारी केपी सिंह मौजूद रहे।
सीएमएचओ की ताबड़तोड़ कार्रवाई का नतीजा ये है कि शनिवार को एक दिन में
नसबंदी ऑपरेशन जिले में कराए गए हैं। एमपीडब्लू, एएनएम और सुपरवाइजरों की सक्रियता मैदान में बढ़ गई है। ये ऑपरेशन गंगेव, जवा, त्योंथर और सिरमौर स्वास्थ्य केंद्र अन्तर्गत हुए हैं।