
बिजली बिल बढ़ाने के लिए बिजली कंपनी ने नए तरीके अपनाए हैं। विद्युत नियामक आयोग को दिए प्रस्ताव में फिक्स चार्ज से बिल बढ़ाने का पुराना तरीका अपनाया गया है। 28 रुपए प्रति पंद्रह यूनिट पर फिक्स चार्ज लिया जाएगा। इतना ही नहीं, 151 यूनिट से अधिक खपत पर प्रति यूनिट 26 पैसे की दर भी बढ़ाई गई है। बढ़ी हुई दर की चपत 150 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वाले की ही जेब पर पड़ी है। यानि मध्यमवर्गीय परिवार पर बिजली की महंगाई चोट देगी।
22 जनवरी तक करें शिकायत ताकि मिले राहत
- बिजली टैरिफ प्रस्ताव पर शिकायत करने के लिए 22 जनवरी तक का समय दिया गया है। 22 जनवरी तक पूरे तथ्यों के साथ टैरिफ की विसंगतियों और दर बढ़ाने की स्थितियों पर लिखित में सुझाव आपत्ति दे सकते हैं। बिट्टन मार्केट मेट्रो प्लाजा में नियामक आयोग कार्यालय में शिकायत दे सकते हैं। इस पर सुनवाई होगी और संभव है कि दर की बढ़ोतरी खत्म कर दी जाए। जनवरी आखिरी में तीन दिन होगी सुझाव आपत्तियों पर सुनवाई।
151 को हाइस्लैब में करना आपत्तिजनक
- इस समय सबसे ज्यादा आपत्ति 151 यूनिट खपत को हाइस्लैब करना है। इसमें सीधे तौर पर प्रतियूनिट दर 6.61 रुपए से बढक़र 6.87 रुपए हो गई। अन्य टैक्स मिलाकर दर एक रुपया तक बढ़ी है। इसमें फिक्स चार्ज की राशि का अंश भी शामिल है। यदि बिजली कंपनी का प्रस्ताव लागू होता है तो 151 यूनिट से ज्यादा खपत करने वालों को बिजली बिल का झटका लगना तय है। क्योंकि उनका चार्ज बढ़ने के साथ हर 15 यूनिट बढ़ने पर 28 रूपए का फिक्स चार्ज भी जुड़ता जाएगा। इससे जिसकी जितनी ज्यादा खपत होगी उसका बिल उतना और ज्यादा बढ़ता जाएगा।