
भोपाल @रिपोर्ट-शिव नारायण साहू.
प्लास्टिक, पॉलिथीन और एेसे ही पदार्थों से लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को कम करने के लिए भोपाल रेलमंडल एक नई पहल करने जा रहा है। मंडल के भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को जल्द ही ठोस प्लास्टिक, थर्माकॉल व पॉलीमर की प्लेट और थालियों की जगह इको-फ्रेंडली प्लेट्स में खाद्य सामग्री मिलेगी।
इसके लिए रेलवे ने योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। यही नहीं स्टेशन पर पानी को बोतलों से होने वाले प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने के लिए प्लास्टिक बॉटल क्रशर मशीन लगाई जाएगी। इस मशीन का शुभारंभ मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस पर ही किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि रेलवे ने इस तरह की पहल करते हुए नई दिल्ली-हबीबगंज शताब्दी में ०२ जून से इको-फ्रेंडली (बॉयोडिग्रेडेबल) थालियों में भोजन देना शुरू कर दिया है। संभवत: गन्ने के वेस्ट मटेरियल से बनने वाली इन प्लेट्स और थालियों को एक बार उपयोग कर उन्हें फेंका जा सकेगा। इससे किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा। यह स्वत: खाद के रूप में परिवर्तित हो जाएंगी। खास बात यह है कि इनमें दाल, सब्जी, चावल आदि रखने के लिए खांचे भी बने होंगे।
एक लाख से अधिक यात्रियों का आना-जाना, ४० हजार बोतलबंद पानी की बिक्री
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार अकेले भोपाल रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग १७० ट्रेनें गुजरती हैं। लगभग एक लाख यात्रियों का आवागमन स्टेशन पर होता है। इसके अलावा ४० फूड स्टॉल पर लगभग ४० हजार बोतलबंद पानी की बिक्री होती है। एेसे में स्टेशन पर प्लास्टिक बॉटल क्रशर मशीन बहुत उपयोगी होगी। यह मशीन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से लगवाई जा रही है।
यह है आंकड़ा-
स्टेशन पर प्रतिदिन आने वाली ट्रेनों की संख्या-----१६७
बोतलबंद पानी और खाद्य सामग्री बेचने वाले स्टॉल--४०
प्रतिदिन बोतल बंद पानी की बिक्री-----लगभग ३००००-४००००
स्टेशनों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आना-जाना होता है। एेसे में इस योजना पर विचार किया जा रहा है कि स्टेशन में इकोफ्रेंडली थालियां और प्लेट्स का उपयोग किया जाए। इसके लिए वेंडर्स और फूड स्टॉल संचालकों से बात की जा रही है। ०५ जून को बॉटल क्रशर मशीन भी लगाई जाएगी।
- शोभन चौधुरी, डीआरएम भोपाल मंडल