चिकित्सकों ने दिया सुझाव, 60 या उससे अधिक उम्र के लोग इम्युनिटी बढ़ाने के लिए डायट में शामिल करें ये खास फूड्स। संक्रमण से भी होगा बचाव!
भोपाल/ देशभर की तरह मध्य प्रदेश में भी कोरोना वायरस तेजी से अपने पाव पसार रहा है। ये बात तो अब सभी जानते हैं, कि इस संक्रमण का घातक असर बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा है। इसकी वजह है कमजोर इम्यून सिस्टम। वैसे तो कम रोग प्रतिरोधक क्षमता व्यक्ति की किसी भी उम्र आयु में हो सकती है, लेकिन ये खानपान की कमी या किसी अन्य बीमारी के कारण होती है, जिससे निपटना इतना मुश्किल नही होता, लेकिन एक उम्र के बाद कमजोर होने वाला इम्यून सिस्टम कोरोना संक्रमण के कारण ज्यादा घातक हो सकता है। ऐसे में हम अपने घर के बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें खास डाइट दे सकते हैं।
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इस मामले में सबसे अधिक केस
अब तक प्राप्त हुए आंकड़ों पर गौर करें तो दुनियाभर में कोरोना संक्रमण का शिकार होने वाले लोगों में सबसे अधिक संख्या 60 साल या इससे अधिक उम्र के लोगों की है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने भी कोरोना का फैटेलिटी रेट बुजुर्गों में 14.8 फीसदी बताया, जबकि युवाओं में इस संक्रमण का शिकार हुए 0.4 फीसदी लोगों की ही जान गई है। ऐसी स्थिति में अपने घर के बुजुर्गों की सेफ्टी के लिए जरूरी है कि, उनका इम्यून सिस्टम मज़बूत रहे, उनकी डायट का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी होगा।
ये फल बढ़ाएंगे रोग प्रतिरोधक क्षमता
अकसर 60 साल या उससे अधिक उम्र वाले बुजुर्गों की पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, जिसे देखते हुए उनके लिए जिन फलों का सेवन सबसे ज्यादा फायदेमंद होगा उनमें स्ट्रॉबेरी, ब्लू बेरीज और चेरीज खास हैं। क्योंकि इन सभी फलों में ऐंटिऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होता है। साथ ही ये विटमिन-सी का अच्छा स्त्रोत होते हैं और इनकी ऐंटिइंफ्लामेट्री क्वालिटी वायरल, हर्ट डिजीज और हाई बीपी में भी फायदा करता है।
ये सब्जियां भी हैं लाभकारी
संक्रमण और मौसम को ध्यान में रखते हुए सबसे ज्यादा फायदेमंद ब्रोकली, शिमला मिर्च और ब्रूसेल्स स्प्राउट्स (एक तरह की पत्ता गोभी) का सेवन ज्यादा बेहतर होगा। क्योंकि इन सभी सब्जियों में पाए जाने वाले पौषक तत्व 60 साल और इससे अधिक उम्र में होने वाली शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करता है। इन सभी सब्जियों में फाइबर की अधिक मात्रा होती है, जिसके चलते इन्हें डाइजेस्ट करना आसान होता है। साथ ही, इन सब्जियों के सेवन से कब्ज की समस्या में भी राहत मिलती है।
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दालें और साबुत अनाज
60 साल या उससे अधिक आयु वाले लोगों को सबसे अधिक दालों और अनाज का सेवन करना चाहिए। कयोंकि, ये प्राकृतिक तौर पर हल्की और सुपाच्य होती हैं। जैसे मूंग की दाल, मूंग-मसूल की मिश्रित दाल, उड़द की छिलका दाल और मूंग धुली दाल। साथ ही बाजरा, ओट्स और खिचड़ी। इन सभी चीजों से व्यक्ति को पर्याप्त पोषण मिल जाता है।