भोपाल

SC-ST, पिछड़ा 90% से ज्यादा, फिर भी कोई नहीं बना ‘हाईकोर्ट जज’

MP News: पूर्व सीजे ने भोपाल में दलित, ओबीसी, माइनॉरिटीज, आदिवासी संगठनों के परिसंघ के सम्मेलन में ये बातें कहीं।

less than 1 minute read
Jul 14, 2025
(फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)

MP News: मप्र हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने कॉलेजियम सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, एससी-एसटी, ओबीसी की आबादी देश में सबसे ज्यादा 90% है। सरकारी आंकड़ा तो 93% बताता है। इतनी आबादी के बाद भी मप्र हाईकोर्ट में एससी-एसटी का कोई जज नहीं बना। यह कॉलेजियम सिस्टम की बेमानी है।

पूर्व सीजे ने भोपाल में दलित, ओबीसी, माइनॉरिटीज, आदिवासी संगठनों के परिसंघ के सम्मेलन में ये बातें कहीं। इस दौरान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदित राज भी मौजूद थे।

ये भी पढ़ें

घबराहट में तेजी से फैलता है ‘सांप का जहर’, बचने के लिए करें ये 4 काम

पूर्व सीजे कैत ने कहा, कोई सिस्टम तब परफेक्ट हो सकता है जब आप एक लाइन बनाएंगे कि इतने प्रतिशत इनका प्रतिनिधित्व होगा। बोले-ज्यूडिशियरी के लिए सब चुप हैं। जितने कर्मी हैं, सब उलझे हैं। किसी के प्रमोशन रुके हैं, किसी की एसीआर खराब कर दी, किसी का गलत ट्रांसफर कर दिया। लेकिन, ज्यूडिशियरी की बहुत महत्ता है। आप उसे नहीं समझ रहे। आप आवाज उठाओ कि ज्यूडिशयरी में, हाईकोर्ट में, सुप्रीम कोर्ट में प्रतिनिधित्व रहे।

हम नहीं कहते कि हमारी तरक्की नहीं हुई

उन्होंने कहा- हम ये नहीं कहते कि हमारी तरक्की नहीं हुई। आपको यहां बैठे देखकर लगता है कि आप अच्छे कपड़े पहने ठीक से बैठे हैं, पर ये कुछ नहीं है, क्योंकि ये देश किसी एक जाति का नहीं, सभी जाति-धर्म का है। उसमें जिसकी जितनी संख्या, उतनी भागीदारी मिलनी चाहिए।

ये भी पढ़ें

BJP के नए मुखिया का ऐलान, ‘पार्ट टाइम’ राजनीति करने वालों की होगी विदाई

Published on:
14 Jul 2025 10:36 am
Also Read
View All

अगली खबर