पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह मध्यप्रदेश से यादें जुड़ी हैं। वर्ष 2011 में मनमोहन सिंह ने बीना रिफायनरी का शुभारंभ किया और वर्ष 2019 में वे भोपाल भी आए।
Manmohan Singh : पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह मध्यप्रदेश से यादें जुड़ी हैं। वर्ष 2011 में मनमोहन सिंह ने बीना रिफायनरी का शुभारंभ किया और वर्ष 2019 में वे भोपाल भी आए। उस दौरान कमलनाथ राज्य के मुयमंत्री थे। कमलनाथ सरकार के एक साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में वे शामिल हुए।
स्थानीय मिंटो हॉल (अब कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर) में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के 'विजन टू डिलीवरी रोड मैप 2020-25' का विमोचन भी किया। यहीं पार्टी पदाधिकारियों से मनमोहन सिंह से मुलाकात भी हुई। वे यहां से स्थानीय देखने भी गए। ट्राइबल यूजियम घूमने के बाद विजिटर फीडबैक बुक में अपना संदेश भी लिखा। उन्होंने लिखा कि, इस यूजियम में संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला है। इसे बचाकर रखने की जरूरत है ताकि भविष्य में भी ये हमारे देश की धरोहर बना रहे।
दिग्विजय सिंह ने कहा, इस देश और लोकतंत्र के सच्चे सपूत के रूप में वे न सिर्फ प्रधानमंत्री(Manmohan Singh) का कार्यकाल बखूबी निभाया बल्कि 90 के दशक में गिरती हुई अर्थव्यवस्था पटरी पर लायी। एक सच्चे स्टेट्समैन के रूप में उन्हें सदैव याद किया जाएगा।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा, आरबीआइ गवर्नर, देश के वित्त मंत्री व प्रधानमंत्री जैसे दायित्व को निभाते हुए मनमोहन सिंह ने अपनी कुशल और दूरदर्शी नीतियों से देश को आर्थिक समृद्धि दी। आर्थिक विकास में योगदान के लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव ने कहा कि मैं अपने आपको बड़ा सौभाग्यशाली समझता हूँ जो उनके सान्निध्य में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। उनके नीतियों पर चलकर देश ने कई आयाम स्थापित किए। देश उनके अमूल्य योगदान का ऋणी रहेगा।
कमलनाथ ने कहा, मैं उन सौभाग्यशाली में शामिल हूं जिन्हें उनके प्रधानमंत्री(Manmohan Singh) कार्यकाल में कार्य करने का मौका मिला। डॉ. मनमोहन सिंह दुनिया के समानित अर्थशास्त्री और भारत के जन कल्याण पर ध्यान देने वाले प्रधानमंत्रियों में शामिल हैं। किसानों की कर्ज माफी, बच्चों को शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, आदिवासियों के लिए वन अधिकार क़ानून जैसी बहुत सी उपलब्धियां उनके खाते में दर्ज हैं। उनके निधन से पूरे देश को अपूरणीय क्षति हुई है।