
Fortuner Black Film- कभी बुलेट, कभी थार, कभी स्कॉर्पियो… और अब फॉर्च्यूनर वालों का एटीट्यूड अलग ही लेवल का दिखता है। भोपाल के इस वाकये से पुलिस भी हैरान है, पुलिस ने काली फिल्म चढ़ी फॉर्च्यूनर को रोका तो चालक ने सीधा बोला- “काली फिल्म मत निकालो, सिर्फ चालान काट दो।” जब पुलिस ने फिल्म भी निकाली और चालान भी काटा, तो फॉर्च्यूनर वाले का जवाब आया- “कल फिर लगवा लूंगा… परसों गाड़ी ही बदल दूंगा।” इस पर पास खड़े एक भोपाली ने कमेंट किया- “बाप की दौलत मिली है न, इसलिए ऐसी ठसक दिखा रहे हैं।” ACP संतोष पटेल ने फेसबुक पर खुद यह पोस्ट शेयर कर कहा है कि बच्चों को सिर्फ पैसे नहीं, पैसे कैसे कमाए इसकी भी सीख दो। सोशल मीडिया पर तो फार्च्यूनर वाले के लोगों ने खूब मजे लिए…
आए दिन सोशल मीडिया पर लोगों को जागरूक करने के लिए वीडियो बनाने वाले भोपाल के ACP संतोष पटेल ने एक पोस्ट शेयर की है। जिसमें उन्होंने कहा है कि भोपाल पुलिस पूरी रात जागती है, सिर्फ इसीलिए कि पब्लिक को सुकून की नींद आए। एक फॉर्च्यूनर वाले ने हमसे कहा कि 'काली फ़िल्म मत निकालो, सिर्फ़ चालान काट दो' लेकिन हमारी पुलिस ने काली फ़िल्म निकाली और चालान भी काटा। तब वह बोला कि कल फिर से मैं लगवा लूँगा, तो हमने भी कहा कि गाड़ी नंबर लिख लिया है। कल फिर से हमारी पुलिस चालान काटेगी और काली फ़िल्म निकालेगी। इस पर वो बोला कि परसों मैं गाड़ी बदल दूँगा। तभी एक भोपाली पास आए और बोले कि इन्हें बाप की दौलत मिली है, इसलिए ऐसा बोल रहे हैं, वरना मेहनत की कमाई वाला ऐसी ठसक नहीं दिखाता। हमारा निष्कर्ष यही निकला कि बच्चों को पैसे देने के साथ-साथ, 'पैसे कैसे कमाए' उसकी भी सीख देना चाहिए।
एक यूजर लिखते हैं कि अच्छे संस्कार मिलेंगे तो तभी ठीक होगा, माता-पिता को अपने पुत्र को अच्छे संस्कार देने चाहिए। इसी पोस्ट पर शिशिर दत्त लिखते हैं कि केवल पैसा ही सबकुछ नहीं होता, घर के संस्कार सबसे बड़ी संपत्ति हैं। अरे घमंड तो सोने की लंका में रहने वाले रावण को भी था, वो धुआं हो गया, ये तो तुच्छ फार्च्यूनर वासी हैं। अहंकार नाश का मूल है महाशय। राहुल साहू नाम के यूजर लिखते है कि जिसको मां-बाप की दौलत विरासत में मिल गी, वो क्या जाे मेहनत से कमाई हुई एक-एक रोटी की कीमत। सुनील कुमार कमेंट बॉक्स में सुझाव देते हैं कि मार्केट में ही यह काली फिल्म मिलना बंद हो जाएगी तो काली फिल्म तो अपने आप लगाना बंद हो जाएगा।