
Sameer Agrawal : सागा ग्रुप का सीएमडी समीर अग्रवाल एमपी के एक छोटे से गांव में रहता था। उसने विभिन्न राज्यों में शेल कंपनियों का जाल बिछाया। कई गुना रिटर्न का झांसा देकर लाखों लोगों की गाढ़ी कमाई लूट ली। करीब 9 अरब रुपए का चूना लगाकर समीर अग्रवाल दुबई भाग गया। खास बात यह है कि सागा समूह के कर्ताधर्ता के रूप में उसने लंदन में भी ऑफिस खोल लिया था। 2 साल पहले कंपनी द्वारा सभी लीडर्स को भेजे गए मैसेज से इस बात का खुलासा हुआ।
सागा समूह के खिलाफ एमपी में शिकंजा कसा जा रहा है। क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट के अनुसार समूह ने शेल कंपनियां बनाकर जालसाजी की थी। पुलिस मुख्यालय की सीआइडी विंग द्वारा सागा ग्रुप की ठगी के संबंध में एक रिपोर्ट बनाई गई है। इससे खुलासा हुआ कि समूह ने मध्यप्रदेश में 'लस्टिनेस जनहित मल्टीस्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी' (एलजेसीसी) नामक डमी फर्म बनाई और ऊंचे रिटर्न का लालच देकर निवेशकों को फंसाया।
ED के अनुसार SAGA ग्रुप का सीएमडी बिजनेसमेन समीर अग्रवाल है। समूह के प्रमुख नियंत्रक के रूप में उसी ने देशभर में ठगी का जाल बिछाया था। समीर अग्रवाल देश छोड़कर भाग चुका है और अभी फरार है। जांच एजेंसी का कहना है कि वह दुबई में है।
एमपी के 2.10 लाख से ज्यादा निवेशकों को चूना लगानेवाला समीर अग्रवाल मुरैना के छोटे से गांव टैंटरा में रहता था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी की हर कोशिश कर रही है। एमपी के साथ ही यूपी पुलिस ने भी इसके लिए 1 लाख रुपए का इनाम का ऐलान किया है। समीर अग्रवाल के खिलाफ सीबीआई लुकआउट नोटिस जारी कर चुकी है। हालांकि लंबे अर्से के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लग सका है।
जांच अधिकारी बताते हैं कि लाखों निवेशकों से ठगी का मास्टरमाइंड समीर अग्रवाल बहुत शातिर है। इस चिटफंड कारोबारी ने सागा ग्रुप के सीएमडी के रूप में लंदन में भी ऑफिस खोल लिया था। समूह के उपेंद्र राय की ओर से सभी लीडर्स को इस संबंध में मैसेज भी भेजा गया था। ठग समीर अग्रवाल के ढूंढने के लिए देश के 16 राज्यों की पुलिस पसीना बहा रही है।
समीर अग्रवाल ने सट्टा चलाया और फिर फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों को चूना लगाने का काम चालू कर दिया। एमपी सहित देश के कई राज्यों में चिटफंड कंपनी खोलीं। समीर अग्रवाल ने कई गुना रिटर्न का लालच देकर अरबों की धोखाधड़ी की। उसके पास कई देशों की नागरिकता है। मध्यप्रदेश पुलिस उसके प्रत्यर्पण का प्रयास कर रही है।