पुलिस के बैग में छात्रा की चिट्ठी...,पुलिस ने खोले कॉलेजों में लगे अपने शिकायत बैग
भोपाल। 'सर लो फ्लोर बसों के ड्राइवर और कंडक्टर बदतमीजी से बात करते हैं और निकलते समय गलत तरीके से छूने की कोशिश करते हैं। अगर बसों में लगे कैमरे चालू होने जाएं, तो इनका व्यवहार सुधर सकता है। अधिकांश बसों में कैमरे खराब होने से स्टाफ मनमानी करता है, आप बस सभी बसों के कैमरे चालू करवा दीजिए, बहुत सुधार हो जाएगा।'
यह शिकायत एक छात्रा ने कॉलेज में लगाए गए शिकायत बैग में सादे कागज में लिखकर डाली। पुलिस ने एक दर्जन कॉलेजों में विद्यार्थियों से संवाद के बाद एेसे बैग लगाए हैं, अभी तक पुलिस को एक बैग से 70 शिकायतें मिली हैं।
एएसपी धर्मवीर सिंह का कहना है कि विद्यार्थियों से संवाद के दौरान यह सामने आया कि वे सामने आकर शिकायत बताने में झिझकते हैं। ऑनलाइन माध्यमों पर भी नम्बर सामने आ जाता है, जिससे उन्हें गोपनीयता उजागर होने का डर रहता है।
एेसे में पुलिस ने विद्यार्थियों को सादे कागज पर शिकायत देने का विकल्प दिया जिसका बेहतर रिजल्ट सामने आ रहा है। अभी तक शराब दुकानों के सामने छींटाकशी, हॉस्टल के आसपास ऑटो वाले और बिना कारण युवाओं के समूह बनाकर खड़े होने की शिकायतों सहित कई सुझाव भी मिले हैं। सुझाव के आधार पर पुलिस कदम उठा रही है। इसी के तहत लो फ्लोर बसों की जांच की जा रही है। जल्द ही बस संचालकों के साथ बैठक भी की जाएगी।
इधर,पुलिस की अनदेखी का शिकार हुई मासूम...
जहांगीराबाद इलाके में 10 साल की बच्ची से गैंगरेप के मामले में गिरफ्तार आरोपी गोकुल चौरसिया जहांगीराबाद थाने के पास ही पान गुमठी लगाता था। उसकी गुमठी से थाने की दूरी 100 मीटर भी नहीं होगी। दरिंदगी की शिकार बच्ची ने बताया कि चौरसिया और ज्ञानेन्द्र पण्डित उसे थाने के पास से ही अगवा कर सुमन आंटी के घर लेकर जाते थे।
उसकी गुमठी के आसपास कई बार पुलिस वाले भी मौजूद रहते थे, लेकिन चौरसिया की हरकत से वह अंजान थे। इतना ही नहीं जिस बिल्डिंग में पीडि़ता का परिवार रहता है, उसमें करीब 7 पुलिसकर्मी रहते हैं। इसके बावजूद आरोपी बेखौफ होकर बच्ची को अगवा कर उसके साथ गलत काम करते रहे।
पुलिस थानों के पास अकेले यही घटना नहीं है। 31 अक्टूबर को भी यूपीएससी की तैयारी कर रही 19 वर्षीय छात्रा को हवस का शिकार बनाया था। यह वारदात भी थाने के आसपास की ही है। मालूम हो कि जहांगीराबाद निवासी की 10 वर्षीय मासूम को अगवा कर तीन आरोपी उसे हवस का शिकार बनाते थे।
पुलिस ने पीडि़ता को सरकार से मिलने वाली सहायता राशि के लिए आवेदन भेज दिया है। इसमें कोई देरी नहीं की है।
- प्रीतम सिंह ठाकुर, टीआई जहांगीराबाद
यदि सहायता का आवेदन आया है तो इसकी जानकारी करा लेता हूं। पीडि़ता को जल्द से जल्द मदद मुहैया कराई जाएगी।
- जीपी माली,एडीएम भोपाल
मदद एक रुपए की नहीं मिली
10 साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की घटना के खुलासे के बाद महिला सुरक्षा से जुड़े तमाम संगठन, अधिकारी पीडि़ता के घर पहुंचे। सभी ने सहानभूति के साथ तमाम तरह की मदद का आश्वासन दिया, लेकिन घटना के चार दिन बीतने बाद भी एक रुपए की मदद पीडि़ता के घर तक नहीं पहुंची।
पीडि़ता की मां ने बताया कि बच्ची की हालात ठीक नहीं है। वक्त रहते यदि उसका उपचार नहीं हुआ तो उसकी हालत और अधिक बिगड़ जाएगी। उसके पास इतना पैसा भी नहीं कि वह बच्ची का उपचार करा सके। बच्ची दर्द की वजह से स्कूल भी नहीं जा पा रही है। बच्ची की मां ने कहा कि सरकार उसकी बच्ची की मदद करे।