इन घरों की पूजा स्वीकार नहीं करते हैं भगवान
भोपाल। कहा जाता है कि भगवान की पूजा को पूरे मन और श्रद्धा के साथ करने से पूजा का फल सकारात्मक मिलता है। पूजा के दौरान भगवान को खुश करने के लिए पूजा का समय, पूजा का स्थान, पूजा विधी बहुत सारी चीजें मायने रखती है। कई बार लोग अपने घर में पूजा तो कर लेते है लेकिन कई चीजों की अनदेखी कर देते है, जिसके चलते उन्हें पूजा का उचित फल नहीं मिलता है। शहर के ज्योत्षाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते है कि पूजा के दौरान घर की कुछ चीजों का सही होना बहुत आवश्यक होता है। घर का वास्तु , घर की सफाई आदि भी पूजा के लिए काफी मायने रखते हैं। अगर आप भी घर में पूजा के लिए कुछ गलतियां करते है तो जान लें कि आपको भी पूजा का सकारात्मक फल नहीं मिलेगा। जानिए क्या हैं ये गलतियां....
- पूजा के दौरान घी का दीपक जलाना बहुत ही शुभ माना जाता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि दीपक टूटा न हो। क्योंकि इससे आपकी पूजा खंडित हो जाएंगी। जिसके कारण आपको शुभ फल के बदले अशुभ फल और आपके ऊपर मां का प्रकोप पड़ सकता है। साथ ही घी के दीपक को कभी भी घर के किसी भी काले गेट के पास न रखें। अगर आप ऐसा करते है तो आपके घर में निगेटिव एनर्जी का वास हो सकता है।
- ऐसे घर की पूजा को भगवान कभी भी स्वीकार नहीं करते हैं जहां पर कबाड़ के रूप में भगवान का खंडित मूर्तियां फेंकी जाती है। हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी घर या मंदिर में खंडित मूर्ति नहीं रखना चाहिए। अगर घर में कोई खंडित या टूटी मूर्ति हो तो उसे तुरंत ही नदी में प्रवाहित कर दें। या फिर पीपल के नीचे जाकर रख दें।
- अपने घर में कभी जालें न लगने दे। कहा जाता है कि जिस घर में जालें लगे होते हैं भगवान कभी भी उस घर की पूजा को स्वीकार नहीं करते हैं।
- अपने घर में कभी भी तुलसी का सड़ा हुआ पौधा न रखें। शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु और कृष्ण को तुलसी दल चढ़ाना बहुत ही शुभ होता है। इस प्रसाद के साथ चढ़ाना चाहिए। कई बार होता है कि आप ऐसे ही तुलसी चढ़ा देते है और उसे उठाना भूल जाते है। जिसके कारण वह सूख जाती है। जो कि बहुत ही अशुभ माना जाता है। इसलिए शाम होने से पहले या प्रसाद चढ़ाने के 2-3 घंटे बाद ही उसे उठा लें। साथ ही घर में तुलसी के पौधे को समय-समय पर पानी देते रहें।