Pay Fixation mp news मध्यप्रदेश में वेतन, एरियर्स आदि को लेकर सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों का असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
मध्यप्रदेश में वेतन, एरियर्स आदि को लेकर सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों का असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। अपनी समस्याओं, शिकायतों के निराकरण और मांगों के समर्थन में कर्मचारी लगातार मुखर होते जा रहे हैं। प्रदेश के कर्मचारियों, अधिकारियों ने 8 वें वेतनमान और पुरानी पेंशन की बड़ी मांग उठाई है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतनमान को लेकर सरकार नियमानुसार कदम नहीं उठा रही है। राज्य के अधिकांश कर्मचारी संगठन इसके लिए आंदोलन की राह पर चल पड़े हैं। इनमें मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ और मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ भी शामिल हैं। राज्य कर्मचारी संघ तो 8 वें वेतनमान के लिए सीधे सरकार से भिड़ने पर आमादा है।
कर्मचारी संघ की दो प्रमुख मांगे हैं- अधिकारियों कर्मचारियों के लिए 8वां वेतनमान लागू करने की प्रक्रिया शुरु करना और पुरानी पेंशन बहाल करना। इन दोनों मांगों के समर्थन में राज्य कर्मचारी संघ का प्रतिनिधिमंडल 25 जनवरी को सीएम CM और मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपेगा।
राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी बताते हैं कि नियमानुसार हर 10 साल में कर्मचारियों, अधिकारियों को नया वेतनमान देय है लेकिन सरकार इसका पालन नहीं कर रही। 7 वां वेतनमान सन 2016 में लागू हुआ था। इस प्रकार सन 2026 में 8 वेतनमान लागू किया जाना चाहिए लेकिन अभी तक सरकार ने इसके लिए कोई कदम नहीं उठाया। महंगाई तेजी से बढ़ रही है जिसके कारण कर्मचारियों को नया वेतनमान देने की जरूरत है।
कर्मचारी संघ पदाधिकारियों ने इसके लिए आंदोलन की बात कही है। इस मांग के समर्थन में अभी प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की भी मांग की जाएगी।
इधर मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ छोटे कर्मचारियों के हितों के लिए संघर्ष कर रहा है। इसके लिए राज्य के जिला मुख्यालयों पर सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। जिला सम्मेलनों में प्रदेश के अंशकालीन कर्मचारियों, स्थाईकर्मियों के वेतन आदि की मांगें उठाई जा रहीं हैं। प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, कोटवारों और रसोइयों आदि की समस्याओं के निराकरण पर जोर दिया जा रहा है।
लघु वेतन कर्मचारी संघ का हाल ही कटनी में जिला सम्मेलन आयोजित किया गया। यहां पदाधिकारियों ने मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आंदोलन में शामिल होने का भी निर्णय लिया।