
भोपाल। सरकारी गेहूं-चावल का घोटाला सामने के बाद मप्र नागरिक आपूर्ति निगम और लगाम कसता जा रहा है। ट्रांसपोर्टरों को ब्लैक लिस्ट करने के बाद अब बचे हुए ट्रांसपोर्टरों के ट्रकों पर जीपीएस लगाए जाएंगे। इसकी लगाम निगम में बने कंट्रोल रूम में होगी। राशन लेने के बाद ट्रक किस-किस रास्ते से होकर कहां-कहां से गुजर रहा है और कहां अनाज उतार रहा है, इसकी मॉनिटरिंग कराई जाएगी। अगर बीच में कहीं ट्रक रुकता भी है तो कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी ड्राइवर से ट्रक रोकने के कारणों की जानकारी कर नोटबुक में दर्ज करेगा। उल्लेखनीय है कि नान के ट्रांसपोर्टर खालिद और नवेद द्वारा अंजाम दिए गए घोटाले से मंत्रालय तक में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
सरकारी राशन की व्यवस्था में कोई सेंध नहीं लगा सके, इस पर लगातार मंथन चल रहा है। ट्रकों में जीपीएस लगाने का काम अभी भोपाल में होगा, इसके बाद इसे अन्य जिलों के ट्रांसपोर्टरों के लिए लागू किया जाएगा। निगम में लिस्टेड ट्रांसपोर्टरों के अलावा निगम प्रशासन जरूरत पडऩे पर कुछ निजी ट्रांसपोर्टरों से संपर्क करेगा ताकि अनाज की सप्लाई में कोई परेशानी नहीं हो सकें। हालांकि ऐसे वाहन भी जीपीएस सिस्टम पर ही काम करेंगे।
मंडी सचिव और मंडी बोर्ड के सहायक संचालक में ठनी
इधर, करोंद मंडी में गेहूं घोटाला उजागर होने के बाद अब वर्तमान सचिव पूर्व सचिव (जो वर्तमान में सचिव/सहायक संचालक के पद पर है) पर उनके कार्यकाल में ही गेहूं घोटाला होने का आरोप लगा रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने सहायक संचालक को पत्र लिखा है, जिसके जवाब में पूर्व सचिव ने पत्र लिखकर कहा है कि मेरे नहीं बल्कि आपके कार्यकाल में ही गेहूं घोटाला हुआ है। इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप का मामला मंडी के प्रबंध संचालक तक भी पहुंच गया है। पत्र की प्रति 'पत्रिका' के पास उपलब्ध है। दरअसल मंडी के सचिव विवेक प्रकाश पटैरिया ने पूर्व मंडी सचिव योगेश नागले को एक पत्र लिखकर कहा है कि आपकी पदस्थापना के समय मे. सुधीर ट्रेडिंग कंपनी के आवेदन दिनांक 19.12.2016 को प्रस्तुत कर कार्यालय के अनाज मंडी गेट पर पदस्थ कर्मचारी अशोक देशमुख सहायक उप निरीक्षक एवं मुन्ना सिंह भृत्य द्वारा संबंधित फर्म के व्यापारी से अभद्र व्यवहार करने, गाली गलौच करने एवं लूटपाट की शिकायत की गई थी। इस संबंध में सचिव/सहायक संचालक योगेश नागले ने मंडी सचिव पटैरिया को पत्र लिखते हुए लिखा है कि सुधीर टे्रडिंग कंपनी के संचालक सुधीर माहेश्वरी की शिकायत पर विधिवत जांच कराई गई। मंडी समिति की बैठक में निराकरण किया जा चुका है।