
ट्विशा और सास गिरिबाला सिंह (Photo Source - Patrika)
Twisha Sharma Death Case:एमपी के भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में लगातार कई खुलासे हो रहे है। सीबीआई ने कोर्ट में कहा है कि ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह दस्तावेजों से छेड़छाड़ और गवाहों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर सकती है। ट्विशा मौत मामले में इस बात का खुलासा भी हुआ है कि ट्विशा की मौत के बाद सास गिरिबाला ने कई बड़े पदों पर बैठे लोगों को फोन करे थे। जानकारी सामने आई है कि गिरिबाला ने डीजीपी लेवल के आईपीएस और एसीएस स्तर के अधिकारियों से फोन पर लंबी बातचीत की थी। इतना ही नहीं उन्होंने टैक्नीशियन को बुलाकर घर के सीसीटीवी कैमरों में भी छेड़छाड़ करी थी।
वहीं ट्विशा की मौत से पहले वह जिस पार्लर में गई थी वहीं की संचालिक को भी फोन लगाया था और ट्विशा के आने-जाने की टाइमिंग को पूछा था। सीबीआई ने गिरिबाला द्वारा किए गए इन सभी कामों को जांच का महत्वपूर्ण तथ्य बताया है। जानकारी के बता दें कि ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह दोनों अभी भोपाल की सेंट्रल जेल में बंद है। उन्हें 16 जून तक दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
बीते दिनों हाइकोर्ट में 56 पेज के डॉक्यूमेंट्स पेश किए गए। इन डॉक्यूमेंट्स के मुताबिरक गिरिबाला सिंह के फोन से हाईकोर्ट के पूर्व जज से चार बार, एडीजी से 12 बार और डीजीपी लेवल के आईपीएस से 6 बार फोन पर बात की गई थी। उन कॉलों को जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। वहीं बीतें दिन पहले ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह के वकील सुरेंद्र सिंह ने पक्ष रखा था कि अभी तक ऐसा कोई भी ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे साबित किया जा सके कि ट्विशा को उकसाया गया था। हालांकि कई कोशिशों के बाद गिरिबाला सिंह को अभी तक जमानत नहीं मिली है।
नोएडा की रहने वाली ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह के साथ हुई थी। महज चंद माह बाद ही 12 मई 2026 की रात को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। गिरिबाला और समर्थ सिंह रात को ही एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां ट्विशा को मृत घोषित कर दिया गया था। इसके बाद मामला तब उलझा जब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर सबूत नष्ट करने के आरोप लगे। आरोप है कि उन्होंने काफी समय न्यायिक अधिकारियों और पुलिस के बड़े अफसरों को फोन लगाकर मामला प्रभावित करने का प्रयास किया। ट्विशा के परिवार और ससुराल पक्ष के आरोप-प्रत्यारोप और लड़ाई में करीब 12 दिन तक ट्विशा का शव एम्स की मार्चुरी में रखा रहा। बाद में 25 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: मामले पर संज्ञान लिया और इसके बाद राज्य सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपी थी।
Updated on:
2 Nov 2026, 11:51 AM IST
Published on:
2 Nov 2026, 11:04 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.