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दिल्ली की रडार पर MP के दो IAS अफसर, बड़ी कंपनियों को काम दिलाने के मामले में फंसे!

MP IAS promotion update: मध्य प्रदेश में IAS अफसरों के प्रमोशन की तैयारी के बीच दो आईएएस अफसरों को लेकर दिल्ली में हलचल है। CMO से तीन IAS अफसरों की छुट्टी लगभग तय।
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भोपाल

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Akash Dewani

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Updated: 2 Nov 2026, 7:15 AM IST

mp ias promotion Two officers on delhi radar cmo

MP IAS promotion: दिल्ली की रडार पर MP के दो IAS अफसर (फोटो सोर्स- Patrika)

Two IAS officers on Delhi radar: मध्य प्रदेश में IAS अफसरों के प्रमोशन (MP IAS promotion) की तैयारी के बीच सरकार में गृह और नगरीय विकास एवं आवास विभाग में शीर्ष स्तर पर बदलाव के संकेत है। अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय कुमार शुक्ल को गृह विभाग से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है। जबकि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के एसीएस संजय दुबे का दायित्व भी बदले जाने के संकेत है। क उधर मुख्यमंत्री कार्यालय से 3 आइएएस को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। इनमें 2 सचिव स्तर के अधिकारी हैं, जबकि एक ओएसडी है, जबकि सचिव स्तर के एक अधिकारी को सेवा विस्तार दिया जा सकता है। सीएमओ से लेकर कई विभागों में अतिरिक्त प्रभार का खेल काफी हद तक कम करने की भी तैयारी है। फीडबैक व अंदरूनी रिपोटों के आधार पर उक्त फेरबदल की तैयारी की जा रही है।

आइपीएस की एक और तबादला सूची

उधर, आइपीएस अफसरों की एक और तबादला सूची आनी है जिसमें पीएचक्यू में तैनात कुछ अफसरों के नाम होंगे। इनमें से कुछ को बालाघाट व ग्वालियर जैसे जिलों में तैनात किया जाना है। इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन-विदिशा से कुछ अफसरों को हटाने की चर्चा है। रीवा भी उक्त सूची में प्रभावित हो सकता है।

जनवरी तक इंतजार

अतिरिक्त प्रभार के चलन को कम करने के लिए जनवरी 2027 तक इंतजार करना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार के पास अभी सचिव स्तर के अधिकारियों की कमी है। इस बीच आइएएस अफसरों की पदोन्नति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होंगे।

अतिरिक्त प्रभार, मुख्य कामों पर ध्यान नहीं

21 आइएएस अफसरों के पास मुख्य दायित्वों के अलावा अतिरिक्त प्रभार है। इनमें से कुछ के पास तो 2 से 3 जिम्मेदारी अतिरिक्त रूप से दे रखी है। सूत्रों के मुताबिक एक रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से आधे अफसर ऐसे है, जो मुख्य दायित्वों से दूर रहे हैं, जिसके चलते अतिरिक्त प्रभार खत्म करने पर विचार किया जा रहा है।

2 आइएएस रडार पर

उधर शीर्ष स्तर पर मप्र कैडर के 2 आइएएस दिल्ली के रडार पर बताए जा रहे हैं। दोनों का नाम अलग तरह के प्रकरणों से जुडा है। इसके मूल में दिल्ली-मुंबई, बैंगलुरु की बड़ी फर्मों को काम दिलाना बताया जा रहा है। हालांकि इनमें से एक अधिकारी डील को अंजाम देते, उसके पहले ही खबर फैल गई और मामला अटक गया।