2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दिवाली पर घर जाना महंगा, MP में हवाई यात्रा से भी ज्यादा बस का किराया, देखें रेट लिस्ट

Diwali bus fare hike: दिवाली पर घर लौटने वाले यात्रियों की जेब पर महंगाई की मार पड़ रही है। मध्य प्रदेश में निजी बसों का किराया कई रूटों पर फ्लाइट से भी ज्यादा हो गया है।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Akash Dewani

•

Updated: 2 Nov 2026, 7:49 AM IST

diwali bus fare hike more expensive then flight ticket

Diwali bus fare hike: MP में हवाई यात्रा से भी महंगी हुई बस का किराया (फोटो सोर्स- Patrika)

Diwali bus fare hike: दिवाली पर घर जाने की खुशी यात्रियों की जेब पर भारी पड़ रही है। त्योहार के चलते बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ते ही निजी बस ऑपरेटरों ने किराया बढ़ा दिया है। भोपाल से रीवा जाने के लिए हवाई टिकट करीब 3700 रुपए में उपलब्ध है, जबकि प्राइवेट बस ऑपरेटर स्लीपर बस का किराया 5000 तक वसूल रहे हैं। यानी यात्रियों को बस से सफर करने के लिए फ्लाइट से भी ज्यादा राशि देनी पड़ी रही है। भोपाल से जबलपुर, रायपुर, इंदौर, ग्वालियर और दूसरे राज्यों के शहरों के लिए भी सामान्य दिनों के मुकाबले बसों के किराए में करीब 25% तक बढ़ोतरी की है। कुछ रूट पर ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म पर किराया कई गुना तक दिखाई दे रहा है। त्योहार पर भोपाल से हर रूट पर जाने वाले यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले तीन गुना हो गई है। इसका फायदा निजी बस ऑपरेटर उठा रहे।

फ्लेक्सी फेयर सिस्टम की मार

निजी बस ऑपरेटर फ्लेक्सी फेयर सिस्टम से टिकट बुक कर रहे हैं। इसमें मांग और यात्रियों की संख्या के हिसाब से किराया घटाने-बढ़ाने की व्यवस्था होती है। यह प्रणाली आमतौर पर विमानन कंपनियों की ओर से अपनाई जाती है। हालांकि, मप्र प्राइवेट बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन का दावा है कि बस संचालक शासन द्वारा निर्धारित किराया ही वसूल रहे हैं।

त्योहार पर यात्रियों की मजबूरी

त्योहार पर घर लौटने वाले यात्रियों के पास सीमित विकल्प होने के कारण अधिक किराया देकर टिकट बुक करना पड़ रहा है। नौक्री और पढ़ाई के लिए में दूसरे शहरों में रहने वाले लोग परिवार के साथ दिवाली मनाने के लिए घर पहुंचना चाहते हैं। ऐसे में सीटों की मांग बढ़ते ही निजी बस संचालक किराया बढ़ा देते हैं। यात्रियों के लिए जरूरी सफर महंगा होने से त्योहार की खुशियों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

ऑनलाइन टिकटिंग

प्लेटफॉर्म पर मध्यप्रदेश से चलने वाली लंबी दूरी की बसों के टिकट काफी महंगे दिखाई दे रहे हैं। भोपाल-अहमदाबाद रूट पर फ्लाइट का टिकट 5500 से 6500 रुपए के बीच दिख रहा है, जबकि बीआर ट्रैवल्स की लग्जरी बस का किराया 7000 रुपए तक है। यानी कुछ तारीखों में बस का टिकट हवाई सफर से भी महंगा पड़ रहा है। इसी तरह भोपाल-रीवा रूट पर फ्लाइट का टिकट करीब 3700 रुपए और स्लीपर बस का किराया 5000 रुपए तक है। भौपाल-ग्वालियर रूट पर जय भवानी ट्रैवल्स की बस का टिकट 10 हजार रुपए तक दिख रहा है।

छतरपुर : दिल्ली का टिकट 4089 रुपए

दीपावली पर घर लौटने की मजबूरी का फायदा निजी बस संचालक उठा रहे है। छतरपुर से दिल्ली जाने वाली बसों का ऑनलाइन किराया 7 नवंबर को 3109 से 3599 रुपए तक पहुंच गया है। वहीं, दिल्ली से छतरपुर आने वाली बस का स्लीपर किराया 4089 रुपए तक दिख रहा है, जबकि सामान्य दिनों में यह करीब 1050 रुपए रहता है। इस तरह सामान्य दिनों के मुकाबले किराया तीन से चार गुना तक हो गया है। परिवहन विभाग ने किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। आरटीओ प्रभारी मधु सिंह के अनुसार, बसों में किराया सूची चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि बस का अधिक किराया वसूलने की पुष्टि होने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इंदौर : उड़ानों से ज्यादा बसों का किराया

दिवाली मनाने अपने घर की ओर आने वाले इंदौरियों के लिए इस बार बस सफर जेब पर बहुत भारी पड़ रहा है। 8 नवंबर को दिवाली से पहले मुंबई-पुणे रूट पर एसी बस का किराया 6500 से 7500 रुपए तक पहुंच गया है जो सामान्य दिनों उड़ान से भी ज्यादा है। दिवाली से पहले 5 से 7 नवंबर के बीच मुंबई, पुणे, बेंगलुरू और हैदराबाद जैसे शहरों से इंदौर आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। इंदौर से बड़ी संख्या में लोग इन शहरों में रोजगार के लिए जाते हैं। इसलिए इन रूटों पर भी दिवाली से पहले इंदौर से जाने का दबाव बढ़ेगा। मुंबई और पुणे रूट पर बसों की मांग भी बढ़ गई है। सामान्य दिनों में नॉन-एसी बस का किराया 1,000 से 1,300 रुपए रहता है, जो दिवाली के समय 3500 से 5000 रुपए तक हो गया है। एसी बस का सामान्य किराया 1,300 से 1,800 रुपए है। त्योहार के समय यात्रियों को 5500 से 7500 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं।

ऑपरेटर तय करते है किराया- एसोसिएशन अध्यक्ष

स्टेट कैरिज बसों के ऑपरेटर निर्धारित इंडिया किराया ही वसूल रहे हैं। वहीं, ऑल परमिट वाली बसों के ऑपरेटर ट्रिप के हिसाब से किराया तय करते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म भी अपना चार्ज जोड़ लेते हैं. जिससे यात्रियों को टिकट महंगा पड़ता है।- जय कुमार जैन, अध्यक्ष, प्राइवेट बस ऑनर्स एसोसिएशन