- याचिका के साथ सरकार का आग्रह मामले की जल्द सुनवाई हो
भोपाल। भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी का मामला सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा है। कमलनाथ सरकार ने लोधी को हाईकोर्ट से मिले स्टे के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) लगाई है। उधर लोधी ने भी इस मामले सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल करते हुए आग्रह किया है कि कोर्ट किसी निर्णय से पहले उनके पक्ष को भी सुने।
सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई याचिका के माध्यम से सरकार ने कहा है कि लोधी को हाईकोर्ट से मिले स्टे को निरस्त करते हुए विशेष न्यायालय का निर्णय यथावत रखा जाए। आपराधिक मामले में दोषी पाए जाने पर विशेष न्यायालय ने लोधी को दो साल की सजा सुनाई थी। इसी आधार पर विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी विधानसभा से सदस्यता समाप्त करते हुए पवई विधानसभा सीट रिक्त घोषित कर दी थी।
विधानसभा सचिवालय ने इसकी सूचना चुनाव आयोग को भी भेज चुका है। विशेष न्यायालय द्वारा दो साल की सजा सुनाए जाने के निर्णय को लोधी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद लोधी को सजा से स्टे मिल गया था।
याचिका पर विचार एक दो दिन मेें -
राज्य सरकार के महाधिवक्ता शशांक शेखर ने राज्य सरकार द्वारा याचिका लगाए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि कोर्ट से आग्रह किया गया है कि याचिका पर जल्द सुनवाई की जाए। उन्होंने संभावना व्यक्त की एक-दो दिन में कोर्ट याचिका पर विचार करेगा।
लोधी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की केविएट
पवई के भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी ने हाईकोर्ट से सजा पर मिले स्टे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केविएट दायर की है। भाजपा विधायक ने केविएट दायर करते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट कोई भी निर्णय लेने से पहले उनका पक्ष अवश्य सुना जाए। लोधी के मामले में विशेष कोर्ट से सजा होने के बाद भाजपा ने सक्रियता दिखाई है। पार्टी की ओर से पूर्व महाधिवक्ता रविनंदन सिंह पूरा मामला देख रहे हैं।